आज जनपद स्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक हुई आयोजित

आजमगढ़- जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में उद्यान विभाग की जनपद स्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर ड्रॉप मोर क्रॉप- माइक्रोइरीगेशन, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना तथा आयुष मिशन औषधीय खेती पर विस्तृत विचार विमर्श किया गया।
जिलाधिकारी ने उद्यान विभाग एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभागीय योजनाओं का किसानों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं को समाचार पत्रों के माध्यम से एवं पंपलेट प्रिंट करा कर सभी विकास खंडों एवं न्याय पंचायतों में किसानों के बीच वितरित किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि ब्लॉक दिवस पर विभाग की योजनाओं को लोन के लिए अपनाई जाने वाली बैंकिंग प्रक्रिया की जानकारी किसानों को दिया जाए। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग की एसएचजी एवं एफपीओ के माध्यम से भी विभाग की योजनाओं का प्रचार-प्रसार कराया जाना सुनिश्चित किया जाये। जिलाधिकारी ने कहा कि पंचायत भवन की दीवारों पर योजनाओं की वॉल पेंटिंग एवं उनसे संबंधित अधिकारियों के नाम व मोबाइल नंबर प्रिंट किया जाना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला उद्यान अधिकारी एवं एलडीएम साथ बैठक कर बैंक में अप्लाई लोन प्रक्रिया का निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि छोटे-छोटे लोन लेने वाले किसानो,ं एफपीओ एवं एसएचजी के एप्लीकेशन को लंबित न रखें। उन्होंने कहा कि एफपीओ एवं एसएचजी के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनें तथा बैंकों से लोन के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि 5-5 एफपीओ एवं एसएचजी को बैंक के साथ बैठक करायें तथा लोन के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि एफपीओ एवं एसएचजी को नाबार्ड से सहयोग लेकर ट्रेनिंग दिलाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि रोजगारपर योजनाओं के लिए लोन देना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जिलाधिकारी ने जिला उद्यान अधिकारी को निर्देश दिया कि पिछली योजनाओं का लाभ जिसे दिया गया है, उसका सत्यापन कर स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि गेंदा एवं गुलाब की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करें।
जिला उद्यान अधिकारी हरिशंकर राम ने बताया कि योजना में लाभान्वित कृषकों को डीबीटी प्रक्रिया से अनुदान अंतरण देय है। विभागीय पोर्टल www.dbt.uphorticulture.in पर ऑनलाइन पंजीकरण के आधार पर लाभार्थियों को प्रथम पावक प्रथम पावक के सिद्धांत पर चयनित क्रियान्वित होंगे। योजना अंतर्गत इम्पैनल्ड निर्माता फर्मो से किसी से भी ड्रिप/स्प्रिंकलर संयंत्र का लाभ प्राप्ति हेतु कृषक स्वतंत्र होंगे। उन्होने बताया कि योजनान्तर्गत आनलाइन रजिस्ट्रेशन एवं कृषकों के आवेदन अभिलेख सहित प्राप्त कर कार्यक्रम का क्रियान्वयन प्रारम्भ किया जा रहा है। धनराशि प्राप्त होने पर सत्यापनोपरान्त एवं जियोटैग उपरान्त कृषकों को डीबीटी एवं पीएफएमएस के माध्यम से अनुदान की धनराशि सीधे उनके आधार सीडेड खाते में हस्तांतरित की जायेगी। उन्होने बताया कि योजनान्तर्गत कुल 517 कृषकों को लाभान्वित किया गया है। जनपद के कृषक ड्रिप का प्रयोग सब्जी, गन्ना, केला, मसाला, आलू आदि की खेती में कर रहे हैं। उन्होने बताया कि जनपद के कृषकों द्वारा ड्रिप सिंचाई पद्धति के साथ-साथ मल्चिंग प्रणाली का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे उनकी लागत घट रही है व उत्पादन में वृद्धि के साथ आय में भी वृद्धि हो रही है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आनन्द कुमार शुक्ला, डीडी कृषि मुकेश कुमार, डीईएसटीओ आरडी राम सहित संबंधित अधिकारी एवं बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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