भीषण गर्मी से बिहार में मौत का हाहाकार

आंकड़ों से क्यों मुंह छुपा रही है सरकार?

भीषण गर्मी से बिहार में मौत का हाहाकार

पटनाः आसमान से उगलती आग और लू के थपड़े लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रही हैं. बिहार के कई जिलों में प्रचंड गर्मी ने हाहाकार मचा रखा है. लोग काल के गाल में समा रहे हैं . मौत का आंकड़ा इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि श्मशान घाटों पर दाह संस्कार के लिए जगह नहीं मिल पा रही है, लेकिन सरकार कह रही है कि अभी उनके पास मौत के आंकड़े नहीं हैं.

क्या कहते हैं आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री ?
गर्मी के कारण सूबे में लगातार हो रही मौत को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने ईटीवी भारत से बातचीत में कहा कि "निश्चित तौर पर राज्य में भीषण गर्मी और लू का कहर है और इसके कारण हो रही मौत पर सरकार संवेदनशील है, लेकिन अभी मौत के आंकड़े सरकार के पास उपलब्ध नहीं हैं."

जिलाधिकारियों की पुष्टि के बाद ही जारी होंगे आंकड़े
मौत के आंकड़े आखिर सरकार के पास क्यों नहीं है इसको लेकर मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि "जब तक संबंधित जिलाधिकारियों की ओर से मौत की पुष्टि नहीं होगी और जिलेवार आंकड़े नहीं उपलब्ध होंगे तब तक सरकार आधिकारिक तौर पर मौत के आंकड़े नहीं जारी कर सकती है. हमलोगों का अनुमान है कि पूरे बिहार में गर्मी के कारण 40 से 50 लोगों की मौत हुई है."

"आधिकारिक आंकड़ा हम तभी दे पाएंगे, जब जिलाधिकारी से संबंधित आंकड़े आते हैं. क्योंकि इन सब में मौत का कारण कुछ और भी हो सकता है. उनको इससे जोड़ दिया जाता है. पोस्टमार्टम के बाद जिलाधिकारी की पुष्टि के बाद ही हम आंकड़े दे सकते हैं."- संतोष कुमार सुमन, मंत्री, आपदा प्रबंधन विभाग

अलर्ट पर सभी सरकारी विभाग
मीडिया से बातचीत में सन्तोष सुमन ने बताया कि "आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया है. गाइडलाइन जारी कर दी गई है. प्राकृतिक आपदा में जिनकी मौत हुई है वह काफी दुखद है. सरकार संवेदना रख रही है. मृतक के परिजनों को सरकार की तरफ से अनुमान्य राशि मुहैया कराई जाएगी.संबंधित जिले से रिपोर्ट आ जाने के बाद उन्हें राशि दे दी जाएगी."

हर जगह पानी पहुंचाया जा रहा है. हॉस्पिटलों को अलर्ट किया जा रहा है. ओआरएस की समुचित व्यवस्था की जा रही है. मनरेगा को भी कहा गया है कि वह गाइडलाइन तैयार करें कि कितने बजे से कितने बजे तक मजदूर से काम करवाना है. कितनी देर के लिए उनको छुट्टी दे देनी है. सारे विभागों को अलर्ट पर रखा गया है."- संतोष कुमार सुमन, मंत्री, आपदा प्रबंधन विभाग

ये प्राकृतिक आपदा है
मंत्री संतोष सुमन ने कहा कि यह प्राकृतिक आपदा है और इसके कारण जो मौतें हुई हैं वो बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण हैं. इस आपदा से निपटने के लिए सरकार तो हरसंभव कोशिश कर ही रही है लोगों को भी पूरी तरह सजग रहने की जरूरत है.

गाइडलाइंस का पालन करें
मंत्री संतोष सुमन ने लोगों से अपील की कि आपदा प्रबंधन विभाग की गाइडलाइंस का पालन करें. घर से कम निकलें. जिस समय धूप ज्यादा होती है, जिस समय हीट वेव चलती है, उस समय न निकलें, सुबह में अपने काम का निपटारा करें. हम यदि तैयारी करें और सजग रहे तो ऐसी घटनाओं में कमी आएगी.

भीषण गर्मी से मौत का हाहाकार
पूरे बिहार में इन दिनों प्रचंड गर्मी और लू ने कहर बरपा रखा है. अधिकतर जिलों में पारा 45 के पार है और तेज लू चल रही है, जिसके कारण कई जगहों से मौत की लगातार खबरें आ रही हैं. गर्मी के कारण राज्य में 80 से ज्यादा मौते हो चुकी है.

 

Tags: garmi

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