गोरखपुर त्याग, समरसता और क्रांति की भूमि है- अविनाश पांडेय

गोरखपुर त्याग, समरसता और  क्रांति की भूमि है- अविनाश पांडेय

गोरखपुर। गोरखपुर त्याग समरसता और क्रांति की धरती है। यह बात कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और प्रभारी उत्तर प्रदेश अविनाश पांडेय ने गोरखपुर में आयोजित समन्वय बैठक में कही। उन्होंने बताया कि रोहणी और राप्ती नदी के संगम पर ही तथागत ने अपने राजसी परिधान को त्याग कर सन्यासी का वस्त्र धारण  किया। दुनिया में भ्रमण करने के बाद गोरखनाथ जी ने इस पवित्र भूमि को ही अपनी कर्म भूमि बनाया। गोरखनाथ जी की खिचड़ी की तारीखी  परंपरा  भूख से पीड़ित व्यक्ति भूख मिटाने के साथ-साथ सामाजिक समरसता का भी संदेश देती है। यह जमीन क्रांतिकारियों की भूमि है। अंग्रेजों की प्रचंड शक्ति के दौर में जब उनका सूरज अस्त नए होता था‌‌। तब गोरखपुर में चौरीचौरा क्षेत्र के नौजवानों ने उनके पुलिस बल विरोध किया।महान क्रांतिकारी रामप्रसाद बिस्मिल कि शहादत की साक्षी बनने का गौरव भी इस भूमि को हासिल है।

उन्होंने अपने विस्तृत संबोधन में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि  सत्ता की ताकत से खामोश कर दी गई जनता के बीच पहुंचकर राहुल गांधी ने जनता को  आत्मबल प्रदान किया है। भारत जोड़ो यात्रा को ऐतिहासिक परंपरा के क्रम में स्थापित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत पर जब भी वैचारिक, सांस्कृतिक हमला हुआ है, तब कभी  तथागत तो कभी शंकराचार्य सहित तमाम ऋषियों ने भारत की यात्राएं की। राहुल जी की यात्रा भी कांग्रेस पार्टी के लिए नहीं है। यह इस ऋषि परंपरा की यात्रा है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव सीधे तौर पर दो ताकतों के बीच है एक तरफ भाजपा के नेतृत्व में संविधान को मिटाने वाली शक्तियां है, दूसरी तरफ संविधान और बाबा साहब की विरासत बचाने वालीं शक्तियां इंडिया गठबंधन के नेतृत्व में सामने है। निर्वाचित निरंकुश मोदी सरकार को यदि लगता है कि वह अभिव्यक्ति की आजादी पर ताला लगाकर, संवैधानिक संस्थाओं को जंजीरों में जकड़ कर ,प्रतिपक्ष के नेताओं को जेल में डाल कर संविधान को मिटा सकती है, तो यह उनकी गलतफहमी है। बाबा साहब का संविधान महज एक कागज का दस्तावेज नहीं है‌। हमारा संविधान आधी आबादी, पिछड़े, दलित, शोषित वंचित का सपना है। इस सपने को जब तक कांग्रेस पार्टी है, राहुल गांधी है तब तक हम इसके मिटाने के हर फैसले और ताकत का प्रतिरोध करते रहेंगे। उनके अनुसार आज अन्नदाता के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। देश के किसानों पर 16 लाख 80 हजार करोड रुपए का कर्ज़ है।इस कर्ज दबाव से प्रतिदिन 2300 किसान भूमि हैं हो रहा है। लेकिन मोदी सरकार किसानों की कर्ज माफी के बजाय अपने पूंजीपति मित्रों के कर्ज माफ कर रही है। युवा बेरोजगार है‌। सरकार अपनी खाली पदों की भर्ती में अक्षम है। हर साल दो करोड़ के रोजगार का वादा महज एक जुमला साबित हुआ है। आउटसोर्स की संस्कृति का विस्तार हुआ है। अग्नि वीर सेवा से जवानों का भविष्य देश की प्रतिरक्षा आज खतरे में है। गरीबी, भुखमरी सूचकांक में हम बांग्लादेश, नेपाल से भी पीछे पहुंच गए हैं। 

उन्होंने कहा कि भुखमरी, बेरोजगारी, शिक्षा स्वास्थ्य एवं प्रतिरक्षा हर स्तर पर विफल मोदी सरकार जनता का ध्यान बुनियादी मुद्दों से भटकाने के उद्देश्य से नफरत की संस्कृति का प्रसार कर देश की साझी विरासत को नष्ट कर रही है। मणिपुर की आग राज्य प्रायोजित एवं संरक्षित थी, किंतु प्रधानमंत्री मोदी के मुख से मणिपुर का 'म' तक नहीं निकला, वह केवल मंगलसूत्र, मछली, मुगल पर ही अटके रहे।उन्होंने भाजपा की तथाकथित लोकप्रियता को तार्किक ढंग से खंडित किया। उनके अनुसार देश में 63% मतदाता भाजपा के खिलाफ है। इंडिया गठबंधन के हमारे मंच पर मौजूद साथी इस63% मतदाताओं के रहनुमाई कर रहे हैं। पहले यह मत भाजपा की कुटिल चाल  के कारण बिखर जाता था। लेकिन हमारे नेताओं राहुल जी, लालू जी, अखिलेश जी, शरद पवार जी  आदि की दूरदर्शिता से बिखराव बंद हुआ है। जरूरत इस समन्वय को बूथ स्तर पर ले जाने की है। ‌ जाहिर है कांग्रेस प्रभारी अपनी हर समन्वय बैठक में बूथ विजय संकल्प की प्रतिज्ञा कार्यकर्ताओं को कराते हैं, ‌ जिसमें बूथ स्तर पर समन्वय को उतारने  और बूथ विजय का संकल्प लिया जाता है। उन्होंने कहा याद रखिए जो बूथ जीतेगा वही देश जीतेगा। इस बात पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि अपनी 70 समन्वय  बैठकों के आधार पर मैं यह कह सकता हूं कि उत्तर प्रदेश में बदलाव की लहर है। निश्चित रूप से इन्डिया गठबंधन बड़ी सफलता हासिल करेगा। 4 जून को प्रदेश और देश भाजपा के जंगल राज  से निजात पा जाएगा।
समन्वय बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल, कांग्रेस जिला अध्यक्ष एवं विधानसभा, न्याय पंचायत स्तर के पदाधिकारी मौजूद थे। इंडिया गठबंधन के घटक समाजवादी पार्टी के जिला इकाई के मुख्य नेता एवं आम आदमी पार्टी के मुख्य नेता उपस्थित थे। सभी नेताओं ने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी  काजल निषाद को भारी मतों से सदन में पहुंचने का संकल्प लिया।

Tags:

About The Author

Tarunmitra Picture

‘तरुणमित्र’ श्रम ही आधार, सिर्फ खबरों से सरोकार। के तर्ज पर प्रकाशित होने वाला ऐसा समचाार पत्र है जो वर्ष 1978 में पूर्वी उत्तर प्रदेश के जौनपुर जैसे सुविधाविहीन शहर से स्व0 समूह सम्पादक कैलाशनाथ के श्रम के बदौलत प्रकाशित होकर आज पांच प्रदेश (उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तराखण्ड) तक अपनी पहुंच बना चुका है। 

Latest News

सराहनीय पहल : डाॅ बीपी त्यागी बनाएंगे रैबीज मुक्त गाजियाबाद सराहनीय पहल : डाॅ बीपी त्यागी बनाएंगे रैबीज मुक्त गाजियाबाद
गाजियाबाद में बुधवार को दोपहर 3:00 बजे अवकेनिंग इंडिया फाउंडेशन और महाराणा प्रताप वीर शिरोमणि ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रेबीज...
माहे मोहर्रम पर इमाम हुसैन की प्यासी सिद्दत की याद में शर्बत वितरण किया गया
मुहर्रम पर शहर में निकाला गया ताजिया जुलूस
अकीदत व एहतराम के साथ ऐतिहासिक मुहर्रम सम्पन्न
महिला से चेन छिनतई, जांच में जुटी पुलिस
हेमंत सोरेन ने जेल से बाहर आकर चम्पाई सोरेन का पॉलिटिकल मर्डर किया : हिमंत विस्व सरमा
एटीएम में कार्ड फंसा, 96 हजार रुपये की हुई निकासी