टीम राहुल पर लगने लगा कयास: कौन होगें बेहतरीन खिलाड़ी, किसका होगा सिलेक्शन


अजय माकन पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं और राहुल गांधी के नज़दीकी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के आलोचक होने के बावजूद वो दिल्ली कांग्रेस प्रमुख बने। साल 2014 लोकसभा चुनाव से पहले उन्हें मीडिया की ज़िम्मेदारी दी गई थी। अजय माकन राहुल गांधी के नए राजनीतिक सचिव की ज़िम्मेदारी ले सकते हैं।

अहमद पटेल ने सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव की ज़िम्मेदारी सालों निभाई है। राजनीतिक सचिव पर संगठन और अध्यक्ष के बीच तालमेल के अलावा पार्टी और विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच तालमेल की ज़िम्मेदारी रहती है।

कनिष्क सिंह राजनीतिक सचिव के अलावा दूसरा महत्वपूर्ण कोषाध्यक्ष का है। कोषाध्यक्ष पार्टी में रुपये पैसे का हिसाब-किताब करता है। सीताराम केसरी, मोतीलाल वोरा जैसे वरिष्ठ लोग इस पद पर रह चुके हैं। कनिष्क सिंह इस पद के प्रमुख दावेदार हैं। वो विश्व बैंक में काम कर चुके हैं और सालों से राहुल गांधी के साथ जुड़े रहे हैं।

दिव्या स्पंदना माना जाता है कि जबसे दिव्या स्पंदना या राम्या ने कांग्रेस के सोशल मीडिया का काम संभाला है, राहुल गांधी की छवि में बदलाव हुआ है, कांग्रेस की सोशल पर पकड़ मज़बूत हुई है। वो कर्नाटक से संसद सदस्य रह चुकी हैं और रिपोर्टों के मुताबिक राहुल गांधी ने उन्हें कांग्रेस सोशल मीडिया टीम के प्रमुख के तौर पर चुना। दिव्या साल 2013 से कर्नाटक से संसद सदस्य रह चुकी हैं। अगले साल कर्नाटक में चुनाव हैं। क्या दिव्या वहां चुनाव लड़ेगीं या फिर उन्हें राहुल गांधी की टीम में महत्वपूर्ण जगह दी जाएगी।

सुष्मिता देव, शर्मिष्ठा मुखर्जीः सुष्मिता देव वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री संतोष मोहन देव की बेटी हैं. शर्मिष्ठा मुखर्जी पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी हैं।

मिलिंद देवरा, सचिन पायलट, जितेन प्रसाद, ज्योतिरादित्य सिंधियाः ये चारों युवा नेता सालों से राहुल गांधी के नज़दीकी रहे हैं।

पार्टी में सोनिया गांधी का भविष्य
कांग्रेस के नेताओं को मानना है कि अब सोनिया गांधी को खुद को पार्टी में पद से अलग रखना चाहिए क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता तो राहुल गांधी को काम करने में मुश्किल हो सकती है क्योंकि उनका पार्टी पद पर होना दूसरे पावर सेंटर को जन्म देगा। अगर सोनिया गांधी रिटायरमेंट को लेकर सीरियस हैं तो उन्हें कांग्रेस के तमाम पद से हट जाना चाहिए। वो कांग्रेस की संसद सदस्य रह सकती हैं।

दिग्विजय सिंह का भविष्य
दिग्विजय सिंह कांग्रेस की राजनीति में हाशिए पर आ चुके हैं। अभी सिंह नर्मदा यात्रा पर हैं। जब वो चार महीने बाद आएंगे तो उनकी तो ख़्वाहिश होगी कि मध्य प्रदेश में जहां चुनाव अगले साल चुनाव होने हैं, वहां वो सक्रिय भूमिका निभा सकें। अगर वो कांग्रेस वर्किंग कमेटी में भी शामिल हो गए तो उनके लिए उपलब्धि होगी। नहीं तो वो सियासी तौर पर हाशिए पर रहेंगे। सचिन राव, कौशल विद्यार्थी, अलंकार सवाई, मोहन गोपाल, सचिन राव यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई देखते रहे हैं, तो कौशल विद्यार्थी ऑक्सफ़ोर्ड में पढ़ चुके हैं। सचिन राव, अलंकार, कैलाश जैसे लोग राहुल गांधी के स्टाफ़ में उनका महत्वपूर्ण स्थान है,आने वाले समय में कांग्रेस अध्यक्ष के कार्यालय में इन लोगों को महत्वपूर्ण भूमिकाएं भी दी जा सकती हैं।

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