नहीं हुआ अपनों का कांधा नसीब

फिरोजाबाद। थाना नगला सिंघी क्षेत्र अन्तर्गत मंगलवार सांय जिस प्रेमी युगल जोड़े ने राजधानी के सामने छलांग लगाकर आत्महत्या की थी 72 घंण्टे बाद भी अपनों का कांधा नसीब नहीं हुआ। पुलिस के सारे प्रयास विफल होने के बाद शनिवार को शवों का अज्ञात के रूप में पोस्टमार्टम कराया है। गौरतलब है कि 11 जुलाई को थाना नगला सिंघी के गांव लतीफपुर व बनकट के बीच स्थित खंबा नम्बर 1243 के समीप डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस के सामने एक युवक व एक युवती ने छलांग लगाकर आत्महत्या की थी।

ट्रेन चालक ने घटना की जानकारी रेलवे कंट्रोल रूम को दी थी। करीब ढाई घंटे बाद नगला सिंघी थाने से दारोगा जगदीश सिंह फोर्स के साथ पहुंचे जिन्होंने शवों को अज्ञात के रूप में पोस्टमार्टम के लिये जिला अस्पताल भिजवाया। घटना स्थल पर मोबाइल और ईयर फोन भी पड़े मिले थे परन्तु मोबाइल की सिम गायब थी। दारोगा जगदीश सिंह ने ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर घटना के पास स्थित गांव सिरौलिया में जाकर पूछताछ की तो दोनों के नामों की जानकारी हुई।

दरोगा जगदीश सिंह ने मृतकोें के नाम विक्रम और रूबी बताये। हालांकि युवक के हाथ पर विक्रम यादव भी लिखा हुआ था। 72 घण्टे बीत जाने के बाद भी जब मृतकों के परिजनोें ने शव की पहचान करने से ही मना कर दिया तब ऐसी स्थिति में शनिवार को पुलिस ने दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद अज्ञात के रूप में अंतिम संस्कार कराया है। माना जा रहा है एक ही गांव और एक ही जाति व दोनों के मध्य प्रेम सम्बंध होने के कारण दोनों के परिवारीजन सामाजिक बदनामी की बजह से सामने नहीं आये हैं।

इस सम्बंध में दरोगा जगदीश सिंह का कहना है कि नियमानुसार 72 घंण्टे तक शवों की पहचान के लिये परिजनों का इंतजार किया गया जब परिजनों ने शव की पहचान करने का कोई प्रयास नहीं किया तब उनके शवों को अज्ञात में पोस्टमार्टम कराने के बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया है।

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