राज्यपालों को राजनैतिक कार्यक्रमों में नहीं जाना चाहिए : राम नाइक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक ने आज विश्वैसरैया प्रेक्षागृह में डाॅ0 संघमित्रा मौर्य एवं श्री दीपक के0एस0 द्वारा लिखित पुस्तक ‘मोदिज्म के मायने’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष श्री हृृदय नारायण दीक्षित, श्रम मंत्री श्री स्वामी प्रसाद मौर्य, आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ0 धर्म सिंह सैनी, राज्यमंत्री श्रम एवं सेवायोजन श्री मनोहरलाल मुन्न कोरी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम में राज्यपाल सहित मंच पर बैठे अतिथियों का अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया।

राज्यपाल ने नवोदित लेखकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि पुस्तक का शीर्षक ‘मोदिज्म के मायने’ पाठकों का ध्यान आकृष्ट करता है। पर पुस्तक की रोचकता, आनन्द और समाधान के लिए उसको पढ़ना जरूरी है ताकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तित्व और कृतित्व का वृत्त मिले। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं भी बहुत काम करते हैं और दूसरों को भी काम करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने योग को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर तक पहँुचाया। पुस्तक के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कई पहलू जानने का अवसर मिलेगा। कितना काम करना और कैसे काम करना का दर्पण है पुस्तक ‘मोदिज्म के मायने’। उन्होंने कहा कि पुस्तक में प्रधानमंत्री के बारे में पढ़कर ‘हमें भी कुछ करना चाहिए’ कि प्रेरणा मिलती है। राज्यपाल ने पुस्तक के कई अंशों को पढ़कर सुनाया भी तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसद भवन में प्रवेश करने से पूर्व लोकशाही के मंदिर को प्रणाम करने के एक चित्र का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘एक चित्र अपने आप में हजार शब्द कहता है।’

श्री नाईक ने कहा कि लोगों का मानना है कि राज्यपालों को राजनैतिक कार्यक्रमों में नहीं जाना चाहिए। मगर यह ऐसी किताब है, जिसमें प्रधानमंत्री द्वारा किए गए कार्य और भविष्य में क्या करना है, जिसका संकेत प्रधानमंत्री कर रहे हैं उसके बारे में है। ऐसे कार्यक्रम जहाँ विचारों पर चर्चा हो, तो अपने विचार देने भी चाहिए और दूसरों के विचार लेने भी चाहिए। लोकशाही में विचारों के आदान-प्रदान का अपना महत्व है। यह विचार का विषय है कि क्योंकि राजनैतिक व्यक्तियों के बारे में लोग पुस्तक के रूप में कम लिखते हैं। राजनैतिक व्यक्तियों के बारे में वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को भी जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी दृष्टि से वे समाजवादी चिन्तक डाॅ0 राम मनोहर लोहिया की जयंती पर अपना आदर व्यक्त करने गए थे और उन्होंने उस अवसर पर प्रो0 राम गोपाल यादव की पुस्तक ‘डाॅ0 राम मनोहर लोहिया का समाजवाद’ का लोकार्पण भी किया था।
विधान सभा अध्यक्ष श्री हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की जनता को इस तरह से प्रभावित किया है कि वे पूरे देश में लोकप्रिय नेता के रूप में उभरे हैं। पुस्तक की विषय वस्तु बहुत स्पष्ट है। उन्होंने लेखकों को बधाई देते हुए कहा कि लिखना आसान है, पढ़ना कठिन है। लिखने के लिए पढ़ना बहुत जरूरी है। सोशल मीडिया के युग में हर कोई लिखता है। उन्होंने कहा कि पुस्तक को भविष्य के समाज से जोड़ने के लिए स्पष्ट शब्दों का प्रयोग होना चाहिए।
कार्यक्रम में मंत्री श्री स्वामी प्रसाद मौर्य, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ0 धर्म सिंह सैनी एवं राज्यमंत्री श्री मनोहरलाल मुन्नु कोरी ने अपने विचार रखते हुए लेखकों का उत्साहवर्धन किया।

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