अपार्टमेंट की लिफ्ट में 40 मिनट तक फंसा युवक, कंपनी को किया फोन बोले- कल आएंगे
लखनऊ। गोमतीनगर विस्तार स्थित सरस्वती अपार्टमेंट की लिफ्ट में एक युवक फंस गया। मदद के लिए कंपनी को फोन किया गया तो जिम्मेदारों ने कहा कि कल आएंगे। आज संडे की छुट्टी है। युवक फ्लैट ए-602 का आवंटी है। पीड़ित के अनुसार, लिफ्ट अटकी थी लेकिन न अलार्म बजा और न ही कोई गार्ड आया।
फ्लैट ए-602 में रहने वाले रणविजय सिंह रविवार सुबह अपने डॉगी को घुमाकर लौट रहे थे। ग्राउंड फ्लोर से छठी मंजिल पर जाने के दौरान लिफ्ट दूसरे और तीसरे फ्लोर के बीच फंस गई। रणविजय ने बताया कि लिफ्ट रुकने के बाद उन्होंने इमरजेंसी अलार्म बजाने की कोशिश की, लेकिन अलार्म काम नहीं किया। उस समय फ्लोर में कोई गार्ड भी मौजूद नहीं था। मदद नहीं मिलने पर उन्होंने लिफ्ट का दरवाजा पीटना शुरू किया। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति ने अंदर से आवाज सुनी। तब तक 20 मिनट बीत चुके थे। उसने घरवालों और अपार्टमेंट के सुरक्षाकर्मियों को सूचना दी।
कुछ देर बाद दो सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे और लिफ्ट खोलने का प्रयास शुरू किया। करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद लिफ्ट का एक दरवाजा खोला जा सका और रणविजय को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रणविजय ने बताया कि हर महीने एक हजार रुपए का मेंटेनेंस आरडब्ल्यूए वसूल करता है। उसके बाद भी लिफ्ट जैसे जरूरी सुविधा का मेंटेनेंस नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। मेंटेनेंस के नाम पर सिर्फ वसूली की जा रही है।
घटना के बाद जब लिफ्ट के रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रही कंपनी को सूचना दी गई तो कंपनी की ओर से जवाब मिला कि रविवार होने के कारण कर्मचारी नहीं आ सकेंगे। कंपनी ने सोमवार को आकर जांच करने की बात कही। घटना के बाद अपार्टमेंट के निवासियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि लिफ्ट का अलार्म काम नहीं कर रहा था और आपात स्थिति में तत्काल मदद के लिए कोई व्यवस्था भी नहीं थी। लोगों ने लिफ्ट की नियमित जांच और सुरक्षा इंतजाम दुरुस्त करने की मांग की है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
