ट्रांसफार्मर खुद वेंटिलेटर पर, लेसा जनता पर लाद रहा लोड का भारी पत्थर: वंशराज
47 लाख उपभोक्ताओं का बिजली लोड बढ़ाकर गरीबों पर आर्थिक हमला किया गया
लोड वृद्धि का फैसला तत्काल वापस नहीं हुआ तो आम आदमी पार्टी आंदोलन करेगी
लखनऊ। आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता वंशराज दुबे ने रविवार को जारी बयान में उत्तर प्रदेश सरकार और लेसा पर बिजली उपभोक्ताओं के साथ "संगठित आर्थिक लूट" करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लखनऊ में लगभग 12 लाख तथा पूरे प्रदेश में करीब 47 लाख उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शनों का भार बिना आवेदन, बिना सहमति और बिना किसी पूर्व सूचना के बढ़ा दिया गया है। इस निर्णय से लाखों गरीब परिवार अतिरिक्त बिजली शुल्क देने को मजबूर होंगे और बड़ी संख्या में लाइफ लाइन श्रेणी के उपभोक्ता सरकारी रियायतों से भी वंचित हो जाएंगे।
उन्होंने मांग की कि सरकार इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से वापस ले। वंशराज दुबे ने कहा कि सरकार ने बिजली व्यवस्था सुधारने के बजाय सीधे जनता की जेब पर हमला किया है। पूरे प्रदेश में करीब 47 लाख उपभोक्ताओं और केवल लखनऊ में लगभग 12 लाख बिजली उपभोक्ताओं का स्वीकृत लोड एकतरफा बढ़ा दिया गया। उन्होंने कहा कि यह बिजली व्यवस्था का सुधार नहीं बल्कि जनता से अधिक राजस्व वसूलने की सुनियोजित योजना है।
ये खबर भी पढ़े : जनेश्वर मिश्र की जयंती पर लखनऊ में जुटेंगे प्रदेशभर के प्रबुद्धजन : सांसद सनातन पाण्डेयदुबे ने कहा कि विद्युत विभाग के अपने नियम स्पष्ट कहते हैं कि यदि किसी उपभोक्ता के यहां लगातार निर्धारित अवधि तक स्वीकृत क्षमता से अधिक लोड दर्ज होता है, तभी आवश्यक प्रक्रिया पूरी करके लोड बढ़ाया जा सकता है। लेकिन यहां लाखों उपभोक्ताओं का लोड बिना किसी तकनीकी परीक्षण, बिना नोटिस और बिना उपभोक्ता की सहमति के बढ़ा दिया गया। कहा कि गांवों में कई स्थानों पर एक ही दिन में कई बार ट्रांसफार्मर खराब होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। सरकार को ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ानी चाहिए, नए ट्रांसफार्मर लगाने चाहिए और बिजली उत्पादन मजबूत करना चाहिए था, लेकिन उसने उल्टा रास्ता अपनाते हुए उपभोक्ताओं के घरों का लोड बढ़ा दिया।
उन्होंने कहा ट्रांसफार्मर खुद वेंटिलेटर पर है, लेकिन इलाज जनता की जेब का किया जा रहा है। कहा कि वर्ष 2017 से लगातार सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा सरकार प्रदेश को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने में विफल रही है। गर्मी शुरू होते ही बिजली कटौती, लो-वोल्टेज, ट्रांसफार्मर फुंकने और लंबे ब्लैकआउट की शिकायतें आम हो जाती हैं।
इसके बावजूद सरकार बिजली उत्पादन और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त लोड डालकर अपनी विफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रही है। राजधानी लखनऊ सहित अनेक स्थानों पर लोगों को कई-कई घंटे बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में नौ-नौ घंटे तक ब्लैकआउट की शिकायतें सामने आई हैं, लेकिन सरकार के जिम्मेदार मंत्री समाधान देने के बजाय केवल बयानबाजी और उपदेश देने में व्यस्त हैं।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
