लखनऊ के 46 विद्यालयों के भवन होंगे ध्वस्त
लखनऊ । राजधानी में 46 सरकारी स्कूलों के भवन अनुपयोगी पाये गये जिन्हें ध्वस्त किया जायेगा। जनपद के करीब 1600 परिषदीय विद्यालयों की समीक्षा के बाद 152 स्कूलों को जर्जर श्रेणी में चिन्हित किया गया है। इन भवनों पर लाल निशान लगाकर उन्हें असुरक्षित घोषित कर दिया गया है । साथ ही इनमें बच्चों व शिक्षकों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि पहले 152 विद्यालयों की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। जिला प्रशासन और तकनीकी समिति की जांच में सभी भवन जर्जर नहीं पाए गए। समिति ने 46 विद्यालयों को पूरी तरह असुरक्षित घोषित किया है। इन स्कूलों के विद्यार्थियों और शिक्षकों का निकटवर्ती विद्यालयों में समायोजन कर दिया गया है। प्रशासन इन स्कूलों के भवनों को जल्द ध्वस्त करायेगा। इन्हीं स्थानों पर विद्यालयों के निर्माण कराया जायेगा जिसके लिए केंद्र सरकार से बजट की मांग की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान ऐसे 29 विद्यालय भी मिले, जहां केवल एक-एक कमरा जर्जर अवस्था में है। इन कमरों की मरम्मत के लिए अलग से बजट प्रस्ताव तैयार किया गया है। इनमें नगर क्षेत्र के आठ विद्यालय शामिल हैं, बाकी स्कूल ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। सूत्रोें के अनुसार छंदौय्या स्कूल के भवन को दो वर्ष पहले जर्जर भवन को ध्वस्त कर दिया गया था और विद्यार्थियों को पड़ोस के बरावन कला विद्यालय में स्थानांतरित किया गया। दूरी अधिक होने के कारण कई बच्चों की नियमित उपस्थिति प्रभावित हुई। वहीं जिस विद्यालय में समायोजन किया गया, वहां की छत भी बारिश में टपकने की शिकायत है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
