आम महोत्सव-2026 के दूसरे दिन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तकनीकी सत्र सम्पन्न
आधुनिक तकनीक से आम की खेती को बढ़ावा देने पर मंथन
योगी सरकार की पहल, विपणन, प्रसंस्करण और निर्यात से किसानों की आय दोगुनी करने पर जोर
लखनऊ। योगी सरकार की पहल पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित तीन दिवसीय ‘उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2026’ के दूसरे दिन शनिवार को उद्यान विभाग के उच्चाधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों और प्रदेशभर से आए प्रगतिशील आम उत्पादक किसानों के बीच एक तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया।
इस तकनीकी सत्र का मुख्य उद्देश्य आम की बागवानी को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना, फसलों की गुणवत्ता में सुधार करना और किसानों की आय को दोगुना करने के उपायों पर गहन मंथन करना था। सत्र के दौरान विशेष रूप से आम के विपणन, प्रसंस्करण और निर्यात की संभावनाओं पर बल दिया गया। वैज्ञानिकों और निर्यात विशेषज्ञों ने किसानों को समझाया कि कैसे सही पैकेजिंग और ब्रांडिंग के जरिए वे अपने उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचा सकते हैं।
ये खबर भी पढ़े : गोल्डी हत्याकांड के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग, 5 जुलाई को विहिप निकालेगा कैंडल मार्चविशेषज्ञों ने पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन, मूल्य संवर्धन, निर्यात मानकों, प्राकृतिक खेती तथा स्टार्टअप की संभावनाओं पर किसानों को विस्तृत जानकारी दी। साथ ही आम की सुरक्षित तुड़ाई, भंडारण और ग्रेडिंग की आधुनिक विधियों से अवगत कराया गया ताकि प्रदेश के विश्वप्रसिद्ध आमों को वैश्विक बाजार में सही मूल्य मिल सके। उद्यान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि योगी सरकार किसानों को गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री, वैज्ञानिक परामर्श तथा बेहतर विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराकर बागवानी को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य आम उत्पादकों को वैश्विक बाजार से जोड़कर उनकी आय में बढ़ोतरी करना है। तकनीकी सत्र में एपीडा, केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान लखनऊ, एफपीओ प्रतिनिधि तथा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के विशेषज्ञ भी शामिल हुए।
योगी सरकार द्वारा तीन दिवसीय “उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2026” के दूसरे दिन शनिवार को जन भवन, लखनऊ में ‘मैंगो बायर-सेलर मीट’ का आयोजन किया गया, जिसमें राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह उपस्थित रहें। इस मीट में आम निर्यातकों और उत्पादकों के बीच अनुबंध (डवन्) हुए, जिसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश के किसानों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों से सीधे जोड़कर आमों को वैश्विक बाजार और सही मूल्य दिलाना था। उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश की भारत के कुल आम उत्पादन में 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है। उन्होंने उद्योगपतियों से खाद्य प्रसंस्करण इकाइयाँ लगाने का आग्रह किया और योगी सरकार द्वारा 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का उल्लेख किया।
उद्यान मंत्री ने जेवर एयरपोर्ट बनने से आमों के निर्यात में आसानी और किसानों की आय में वृद्धि की संभावना पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राज्य की कुल कृषि भूमि में उद्यान फसलों का क्षेत्रफल केवल 9 प्रतिशत होने के बावजूद, उनका उत्पादन में 42 प्रतिशत और मूल्य में 52 प्रतिशत योगदान है। तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने किसानों को आम की सुरक्षित कटाई, फसल कटाई के बाद प्रबंधन, मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण, निर्यात मानकों, ब्रांडिंग, प्राकृतिक खेती और स्टार्टअप की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
