प्रदेश में ‘हुनर से आत्मनिर्भरता’ महा-अभियान शुरू, ODOP को मिलेगी नई पहचान
एक जनपद व एक उत्पाद की निखरेगी चमक
लखनऊ। प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने तथा युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विजन को साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (न्च्ैक्ड) द्वारा ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (व्क्व्च्) योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी 75 जनपदों में व्यापक कौशल विकास अभियान संचालित किया जा रहा है।
इस अभियान के माध्यम से कुल 8,525 युवाओं को उनके जिले के प्रमुख पारंपरिक उत्पादों से जुड़े आधुनिक एवं उद्योगोन्मुखी कौशल का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।प्रदेश सरकार की यह पहल स्थानीय उत्पादों को आधुनिक तकनीक, डिजाइन, गुणवत्ता, पैकेजिंग एवं डिजिटल मार्केटिंग से जोड़ते हुए उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार तथा स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे और स्थानीय उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन प्राप्त होगा।
ये खबर भी पढ़े : जनेश्वर मिश्र की जयंती पर लखनऊ में जुटेंगे प्रदेशभर के प्रबुद्धजन : सांसद सनातन पाण्डेयउत्तर प्रदेश का हर जिला किसी न किसी खास हुनर और उत्पाद के लिए जाना जाता है। कहीं की साड़ी, कहीं का इत्र, कहीं का ताला तो कहीं का फर्नीचर। लेकिन बदलते समय के साथ ग्राहक की पसंद, डिजाइन और क्वालिटी के मानक भी बदल गए हैं। ऐसे में पारंपरिक कारीगरी को आधुनिक कौशल से जोड़ना जरूरी हो गया है। उ0प्र0 कौशल विकास मिशन का यह अभियान इसी जरूरत को पूरा कर रहा है।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को दो चरणों में लागू किया है। प्रथम चरण का शुभारंभ 1 अप्रैल 2026 से किया गया, जिसमें प्रदेश के 17 जनपदों के 1,050 युवाओं को ‘एक जनपद एक उत्पाद’ आधारित विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रथम चरण की सफलता तथा युवाओं की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए अब अभियान का विस्तार करते हुए दूसरे चरण में शेष 58 जनपदों के 7,475 युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
दोनों चरणों को मिलाकर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में कुल 8,525 युवाओं को उनके जिले के प्रमुख एक जनपद एक उत्पाद के उत्पादों के निर्माण, डिजाइनिंग, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग एवं उद्यमिता विकास का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क है और चयनित युवाओं को प्रशिक्षण अवधि में स्टाइपेंड भी दिया जाएगा।
कौशल विकास मिशन द्वारा प्रत्येक जिले के प्रमुख पारंपरिक उत्पाद एवं उद्योग की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किए गए हैं। इन मॉड्यूल को तैयार करने में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान, राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान, आईआईटी कानपुर के इनक्यूबेशन सेंटर और स्थानीय एक्सपोर्ट हाउस की मदद ली गई है। प्रशिक्षण का फोकस केवल ‘उत्पाद बनाना’ सिखाने पर नहीं है, बल्कि ‘उत्पाद बेचना’ और ‘ब्रांड बनाना’ सिखाने पर भी है। हर कोर्स में डिजाइन इनोवेशन, लागत घटाना, जीरो डिफेक्ट प्रोडक्शन, आकर्षक पैकेजिंग, ई-कॉमर्स ऑनबोर्डिंग और सोशल मीडिया मार्केटिंग को शामिल किया गया है।
प्रथम चरण में एटा में 575 युवाओं को हस्तशिल्प का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां पीतल के पारंपरिक घंटों और सजावटी सामान को अब कंटेम्पररी होम डेकोर के हिसाब से बनाया जा रहा है। युवाओं को लेजर कटिंग मशीन, पाउडर कोटिंग, एंटीकफिनिश और अमेजन ग्लोबल सेलिंग की ट्रेनिंग दी जा रही है। मिर्जापुर में 200 युवाओं को कालीन एवं हैंडीक्राफ्ट में डिजिटल लूम चलाना, ऑटो-कैड पर डिजाइन बनाना, नेचुरल डाई का इस्तेमाल और यूरोपीय देशों के सेफ्टीनॉर्म्स सिखाए जा रहे हैं।
प्रतापगढ़ में 350 तथा बहराइच में 300 युवाओं को फूड प्रोसेसिंग का प्रशिक्षण मिल रहा है। इसमें आंवला कैंडी, शहद, अचार, रेडी-टू-ईट खिचड़ी और मिलेट बेस्ड स्नैक्स को एफएसएसएआई मानकों के अनुसार बनाना, वैक्यूम पैकेजिंग, न्यूट्रिशन लेबलिंग और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बेचना शामिल है। गौतमबुद्ध नगर में 200 युवाओं को अपैरल एवं फैशनडिजाइनिंग में डिजिटल फैब्रिक प्रिंटिंग, 3डी सैंपलिंग,बायरकम्युनिकेशन और सस्टेनेबलफैशन की ट्रेनिंग दी जा रही है। आगरा में 75 युवाओं को आधुनिक लेदरटेक्नोलॉजी में इटालियनफिनिशिंग, लेजरइंग्रेविंग, आरईएसीएच कंप्लायंस और प्राइवेट लेबलिंग की जानकारी दी जा रही है।
दूसरे चरण में वाराणसी के 200 युवाओं को आधुनिक टेक्सटाइल एवं डिजाइनिंग में बनारसी साड़ी को डिजिटल जैक्वार्ड पर बुनना, जीआई टैग का सही इस्तेमाल, इंस्टाग्राम और पिंटरेस्ट से इंटरनेशनल कस्टमर तक पहुंचना सिखाया जाएगा। गोंडा के 250 युवाओं को दलहन आधारित फूडप्रोसेसिंग में पैकेज्ड दाल, बेसन, सत्तू, प्रोटीन बार बनाना और होटल-रेस्तरां चेन को बी2बी सप्लाई करना सिखाया जाएगा।
महाराजगंज एवं पीलीभीत के 500 युवाओं को आधुनिक फर्नीचर एवं वुडन फिटिंग निर्माण में सीएनसी मशीन ऑपरेशन, फ्लैट-पैक फर्नीचर डिजाइन, नॉक-डाउन फिटिंग और डी2सी ब्रांड बनाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। अन्य जनपदों में भी उनके प्रमुख उत्पादों के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। लखनऊ की चिकनकारी को लक्जरी फैशन ब्रांडिंग, कानपुर के लेदर गुड्स को वेजिटेबल टैनिंग और यूरोपीय एक्सपोर्ट, फिरोजाबाद के कांच को मॉडर्न लाइटिंग और आर्ट इंस्टालेशन, मुरादाबाद के पीतल को 3डी प्रिंटेड मोल्ड और कंटेनर शिपमेंट, सहारनपुर की लकड़ी नक्काशी को स्कैंडिनेवियन डिजाइन, भदोही की कालीन को कस्टम साइज और वॉल-टू-वॉल कारपेट, कन्नौज के इत्र को अल्कोहल-फ्री अत्तर और गल्फ मार्केट, अलीगढ़ के ताले को स्मार्ट लॉक और बायोमेट्रिक सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में केवल पारंपरिक उत्पादन तकनीकों तक ही प्रशिक्षण सीमित नहीं रहेगा, बल्कि युवाओं को आधुनिक मशीनों का संचालन, गुणवत्ता प्रबंधन, आकर्षक पैकेजिंग, ई-कॉमर्स, डिजिटल मार्केटिंग, ब्रांडिंग, उद्यमिता विकास तथा उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप भी प्रशिक्षित किया जाएगा।
हर बैच को ‘कैपस्टोन प्रोजेक्ट’ करना होगा, जिसमें वे अपने प्रोडक्ट का प्रोटोटाइप, कॉस्ट शीट, पैकेजिंग डिजाइन और 30 सेकंड की रील बनाकर जमा करेंगे। बेस्ट तीन प्रोजेक्ट को ‘ओडीओपी इनोवेशन अवॉर्ड’ के साथ 5 लाख रुपये तक की सीडमनी दी जाएगी।
प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद युवाओं को प्रतिष्ठित उद्योगों में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्वयं का उद्यम स्थापित करने के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं, बैंक ऋण एवं मुद्रा योजना सहित अन्य वित्तीय सहायता योजनाओं से भी जोड़ा जाएगा। कौशल विकास मिशन ने सिडबी, नाबार्ड, जिला उद्योग केंद्र और प्रमुख बैंकों के साथ मिलकर ‘क्रेडिट प्लस स्किल’ मॉडल बनाया है। इसके तहत ट्रेनिंग पूरी करने वाले युवा को 24 घंटे में लोन अप्रूवल की सुविधा मिलेगी। हर जिले में ओडीओपी रोजगार मेला लगेगा, जिसमें फ्लिपकार्ट समर्थ, अमेजनकरिगर, रिलायंस रिटेल, एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल जैसी संस्थाएं हिस्सा लेंगी।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
