दुबई से कैप्सूल में सोने का बुरादा मंगवाने वाले दो तस्कर गिरफ्तार
सरोजनी नगर पुलिस ने किया खुलासा
- दुबई में काम न मिलने पर वापस लौट रहे दो युवकों को बनाया कैरियर
लखनऊ। मंगलवार सरोजनीनगर पुलिस ने दुबई से सोना तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के 2 सदस्यों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 203.92 ग्राम सोने का बुरादा भरा कैप्सूल बरामद हुआ। जिसकी कीमत करीब 30 लाख रुपए है। पुलिस की पूछताछ में सामने आया दुबई में काम नहीं मिलने से फंसे युवक को तस्करों ने टिकट और अन्य खर्च देकर कैरियर बनाया था।
राजधानी पहुंचने पर उससे सोने का बुरादा भरा कैप्सूल और उसका सामान लूटकर फरार हो गए थे। उसी युवक ने लूट की एफआइआर दर्ज कराई तो गिरोह का खुलासा हुआ। गिरोह के सदस्य भारत के अलग-अलग राज्यों और खाड़ी देशों खासकर दुबई में सक्रिय हैं। दुबई व अन्य देशों को सक्रिय सदस्य वहां से सोना भेजवाते हैं। भारत के सदस्य उसे यहां खपाते हैं।
डीसीपी दक्षिणी मोहम्मद मुस्ताक ने मंगलवार दोपहर 3 बजे बताया कि बलिया के बेल्थरा रोड निवासी महबूब आलम ने 3 अगस्त को सरोजनीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि वह 27 जुलाई को दुबई से अमौसी एयरपोर्ट पहुंचा था। एयरपोर्ट के बाहर दीपक वर्मा, राम प्रताप दुबे, अर्शदीप और उनके साथियों ने उन्हें झांसा देकर काली ब्रेजा कार में बैठा लिया। काफी देर तक इधर-उधर घुमाने के बाद उसका ट्रॉली बैग लेकर उसे आलमबाग बस अड्डे के पास उतार दिया।
डीसीपी ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज करके जांच शुरू की गई। पुलिस और सर्विलांस टीम करीब 130 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज व अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांचकर आरोपियों तक पहुंच गई। मंगलवार को पुलिस ने बलरामपुर निवासी दीपक वर्मा और राम प्रताप दुबे को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से महबूब का सामान व सोने के बुरादे से भरा कैप्सूल बरामद किया।
डीसीपी मोहम्मद मुस्ताक ने बताया कि आरोपियों के गैंग में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब समेत कई राज्यों के सदस्य शामिल हैं। गिरोह के सदस्य खाड़ी देशों खासकर दुबई में ऐसे भारतीयों की तलाश करते हैं, जो किसी वजह से जल्दी भारत लौटना चाहते हैं। उन्हें शॉपिंग, नकद रुपए और हवाई टिकट का लालच देकर सोने की तस्करी के लिए उन्हें कैरियर बनाते हैं।
सोने के बुरादे को कंडोम में पैक कर कैप्सूल नुमा आकर बनाते हैं। इसके बाद उसे रेक्टस (पीछे के रास्ते) शरीर में डाल देते हैं। कैरियर भारत आते हैं तो एयरपोर्ट पर ही गिरोह के सदस्य उन्हें मिल जाते हैं और उनसे कैप्सूल ले लेते हैं। मोहम्मद मुस्ताक ने बताया कि महबूब को भी गिरोह के सदस्यों ने दुबई में सोने के बुरादे से भरा कैप्सूल दिया था। दीपक वर्मा और राम प्रताप दुबे साथियों के साथ अमौसी एयरपोर्ट पर उससे सोने के बुरादे से भरा कैप्सूल लेने गए थे, लेकिन महबूब का सामान देखकर उन्हें लालच आ गया। इस वजह से उसका ट्रॉली बैग लेकर फरार हो गए।
पुलिस ने बताया कि सोना तस्कर अर्शदीप व उसके साथियों को एयरपोर्ट के पास से महबू से सोना रिसीव करना था। उनके मन में लालच आ गया। इस पर उन्होंने अपनी जगह दीपक और राम प्रताप को भेजा। महबूब को लगा सोना उन्हीं लोगों को देना है तो उनकी बातों में आकर उनके साथ चला गया। इसके बाद दीपक और राम प्रताप उसे आलमबाग पर छोड़कर भाग गए। इस दौरान अर्शदीप ने दुबई के सदस्यों को बता दिया था कि उसे सोना नहीं मिला है।
अर्शदीप व उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, महबूब आलम 3 साल बाद दुबई से लौटा है। वहां पर काम न मिलने की वजह से भारत आना चाहता था, लेकिन पैसे की कमी के चलते नहीं आ पा रहा था। इस वजह से वह सोना तस्करी करने वाले गिरोह के झांसे में फंस गया। गिरोह ने उसके टिकट का खर्च उठाकर उसे कैरियर बनाकर भारत भेज दिया। हालांकि, पुलिस उसकी भूमिका की जांच कर रही है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
