"ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान", मातृशक्ति ने बनाया नया रिकॉर्ड
रक्षाबंधन पर सैनिकों तक पहुंचेंगी राखियां
रायपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर देश की सीमाओं पर तैनात वीर सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से कलेक्टर जिला रायपुर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला रायपुर द्वारा "ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान" के अंतर्गत एक लाख 11 हजार राखियां तैयार कराई गई हैं।
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर देश के वीर सैनिकों को आत्मीय संदेश भेजने के लिए गुढ़ियारी स्थित भारतमाता चौक में आयोजित विशेष कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी शैल ठाकुर सहित पर्यवेक्षक एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने 'ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान' के संयोजक महेंद्र प्रताप सिंह राणा को प्रतीकात्मक रूप से राखियां सौंपीं।
इस अवसर पर उपस्थित सभी ने "सीमा पर सैनिक, घर-घर से स्नेह" के नारे के साथ राष्ट्रभक्ति का माहौल बनाया। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला रायपुर द्वारा इस अभियान के अंतर्गत एक लाख 11 हजार राखियां तैयार कराई गई हैं।
उल्लेखनीय है कि, गत वर्ष महिला एवं बाल विकास विभाग रायपुर द्वारा 52 हजार राखियां तैयार कर सैनिकों को प्रेषित की गई थीं।
अभियान को मिली व्यापक जनभागीदारी और उत्साह को देखते हुए इस वर्ष लक्ष्य को दोगुना करते हुए 1.11 लाख राखियां तैयार की गई हैं।
यह उपलब्धि रायपुर जिले की मातृशक्ति के बढ़ते राष्ट्रप्रेम, सामाजिक सहभागिता और सैनिकों के प्रति सम्मान का जीवंत उदाहरण है।
इस अभियान में आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं, महिला पर्यवेक्षक, परियोजना अधिकारी एवं स्व-सहायता समूहों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। सभी राखियां स्थानीयस्तर पर हस्तनिर्मित हैं, जो मातृशक्ति की भावनाओं, राष्ट्रप्रेम और सैनिकों के प्रति सम्मान का प्रतीक हैं।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि, रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि विश्वास, सुरक्षा और आत्मीयता का प्रतीक है। रायपुर जिले की माताओं, बहनों एवं बेटियों द्वारा तैयार की गई 1.11 लाख राखियां हमारे वीर सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की अभिव्यक्ति हैं।
उन्होंने कहा कि, यह अभियान समाज में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक सहभागिता और राष्ट्रीय एकता की भावना को और अधिक सशक्त करेगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग रायपुर से भेजी जा रही 1.11 लाख राखियां प्रत्येक सैनिक तक यह संदेश पहुंचाएंगी कि पूरा राष्ट्र उनके साहस, त्याग और समर्पण के साथ मजबूती से खड़ा है।
महिला एवं बाल विकास विभाग का यह प्रयास केवल रक्षाबंधन का उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र के वीर सैनिकों के प्रति पूरे समाज की कृतज्ञता व्यक्त करने का सशक्त माध्यम है।
ये रक्षा-सूत्र देश की सीमाओं पर तैनात उन जवानों तक पहुंचाए जाएंगे, जो अपने परिवार से दूर रहकर राष्ट्र की सुरक्षा में निरंतर समर्पित हैं।
विभाग द्वारा इस अभियान में भागीदारी दिखाना सामाजिक सहभागिता, राष्ट्रभक्ति एवं जन-जागरूकता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
कार्यालय द्वारा सभी सहभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनहित एवं राष्ट्रहित के अभियानों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया गया है।
सीमा पर सैनिक, घर-घर से स्नेह" की भावना को साकार करता यह अभियान रक्षाबंधन पर्व को राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और देशभक्ति के उत्सव के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
लेखक के बारे में
माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
