बिजली कर्मियों ने कठिन परिस्थितियों में तोड़े आपूर्ति के पुराने रिकॉर्ड : संघर्ष समिति
— कार्रवाई वापस लेकर हटाए गए संविदा कर्मियों को करे बहाल
लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने कहा है कि भीषण गर्मी, लगातार बढ़ती बिजली की मांग और बिजली कर्मियों की अत्यंत कम संख्या के बावजूद प्रदेश के बिजली कर्मियों ने जिस समर्पण, मेहनत और कर्तव्यनिष्ठा के साथ प्रदेश की जनता को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की है ,वह अपने आप में एक नया इतिहास है।
संघर्ष समिति ने कहा कि यह उपलब्धि ऐसे समय में हासिल हुई है जब बिजली कर्मियों की संख्या लगातार घटती जा रही है। उपकेंद्रों पर कर्मचारियों की कमी है, तकनीकी एवं परिचालन कार्यों का भारी दबाव है और उपलब्ध कर्मचारियों को बिजली आपूर्ति बनाए रखने के साथ-साथ उपभोक्ताओं की शिकायतों, फॉल्ट, ब्रेकडाउन, मरम्मत एवं रखरखाव जैसे अनेक कार्य भी करने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद बिजली कर्मियों ने दिन-रात मेहनत कर प्रदेश की बिजली व्यवस्था को संभाला और रिकॉर्ड बिजली मांग पूरी की।
संघर्ष समिति ने कहा कि जब बिजली कर्मियों की मेहनत से प्रदेश देश में रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति का कीर्तिमान स्थापित कर रहा है, तब प्रबंधन को बिजली कर्मियों को पुरस्कृत और प्रोत्साहित करना चाहिए, न कि उनका उत्पीड़न करना चाहिए। बिजली कर्मियों पर की जा रही दंडात्मक एवं उत्पीड़नात्मक कार्रवाई तत्काल समाप्त की जानी चाहिए तथा मार्च 2023 के आंदोलन के बाद हटाए गए संविदा कर्मियों को पूर्व में हुए समझौतों एवं दिए गए निर्देशों के अनुरूप तत्काल सेवा में वापस लिया जाना चाहिए।
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शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
