लोहिया संस्थान: हड्डियों व जोड़ों के स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूकता
— स्वास्थ्य कर्मियों, विद्यार्थियों व मरीजों ने लिया कार्यक्रम में भाग
— लोहिया संस्थान में मनाया गया विश्व बोन एंड जॉइंट सप्ताह
लखनऊ। शारीरिक मुद्रा के दैनिक जीवन में बैठने, खड़े होने और चलने-फिरने की सही आदतें अपनाकर रीढ़ एवं जोड़ों से संबंधित अनेक समस्याओं से बचा जा सकता है। ये बातें डॉ.प्रभात ने कही। बुधवार को विश्व बोन एवं जॉइंट सप्ताह के अवसर पर डॉ.राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के अस्थि रोग ,ऑर्थोपेडिक्स विभाग द्वारा आमजन में हड्डियों एवं जोड़ों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
संस्थान के निदेशक प्रो. सीएम. सिंह ने कहा कि संतुलित एवं पौष्टिक आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि बेहतर खान-पान और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव हड्डियों एवं संपूर्ण स्वास्थ्य को लम्बे तक स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह ने स्वस्थ भोजन की आदतों और आंतों के स्वास्थ्य और हड्डियों के स्वास्थ्य के बीच गहरे संबंध पर प्रकाश डालते हुए बताया कि स्वस्थ पाचन तंत्र शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों के बेहतर अवशोषण में सहायक होता है, जिससे हड्डियां मजबूत बनी रहती हैं। अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि विभाग में प्रतिदिन आने वाले मरीजों को हड्डियों एवं जोड़ों की बीमारियों की रोकथाम,सही जीवन शैली तथा उपचार के साथ-साथ नियमित परामर्श प्रदान किया जाता है, जिससे वे स्वस्थ जीवन जी सकें। डॉ.विनीत कुमार ने कार्यालय में कार्य करने वाले लोगों के लिए ऑफिस एर्गोनॉमिक्स के महत्व को समझाते हुए सही बैठने की स्थिति, कार्यस्थल की उचित व्यवस्था तथा नियमित अंतराल पर व्यायाम एवं स्ट्रेचिंग करने की सलाह दी। कार्यक्रम में हड्डी रोग विभाग के अन्य संकाय सदस्य , चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मियों, विद्यार्थियों एवं बड़ी संख्या में मरीजों और उनके परिजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विशेषज्ञों ने सभी से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित व्यायाम करने, संतुलित आहार लेने तथा हड्डियों एवं जोड़ों की समस्याओं के प्रति समय रहते जागरूक रहने का आह्वान किया।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
