गौ संरक्षण के लिए प्रभावी और कठोर कानून बनाने की जरूरत- शंकराचार्य
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने जनसभा को किया संबोधित
उमेश श्रीवास्तव
- गौ रक्षा और सनातन धर्म की रक्षा सरकार की प्राथमिकता स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
करनैलगंज(गोंडा)। ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि देश में गौ संरक्षण के लिए प्रभावी और कठोर कानून बनाए जाने की आवश्यकता है। वह बृहस्पतिवार देर शाम क्षेत्र के कचनापुर गांव में अधिवक्ता एवं कांग्रेस नेता त्रिलोकीनाथ तिवारी के आवास पर आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
शंकराचार्य ने कहा कि गौ रक्षा और सनातन धर्म की रक्षा उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और उत्तर प्रदेश में सत्ता में आने से पहले भाजपा ने गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और गौ संरक्षण को लेकर कई वादे किए थे, लेकिन अब तक इस दिशा में अपेक्षित कानून नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि जनता को ऐसे राजनीतिक दल का समर्थन करना चाहिए, जो गौ संरक्षण के लिए स्पष्ट नीति और प्रभावी कानून बनाने का संकल्प ले। शंकराचार्य ने ग्रामीणों को गौ रक्षा का संकल्प दिलाया।
उन्होंने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी गौ संरक्षण के मुद्दे पर नाराजगी जताई। साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव के संदर्भ में लोगों से अपने मताधिकार का प्रयोग सोच-समझकर करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का चयन उनके कार्य और जनहित के मुद्दों पर किए गए प्रयासों के आधार पर होना चाहिए।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह, पूर्व विधायक बैजनाथ दुबे, पूर्व अध्यक्ष शमीम अच्छन, दिग्विजय सिंह, फहीम अहमद राकेश मोहन तिवारी, विनोद कुमार शुक्ल सहित कांग्रेस, समाजवादी पार्टी एवं अन्य दलों के कई नेता मौजूद रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी जनसभा में भाग लिया।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
