एलडीए का भूखण्ड या भवन की पंजीकरण धनराशि पर भी मिलेगा बैंक लोन
एलडीए ने पंजाब नेशनल बैंक से साइन किया एमओयू
- सम्पत्ति आवंटित होने पर शेष धनराशि के लिए भी आसानी से मिलेगा लोन,पेपर वर्क से मिलेगा छुटकारा
लखनऊ। एलडीए के भूखण्ड/भवन खरीदना चाहते हैं, तो अब आपको पंजीकरण धनराशि के लिए भी बैंक लोन की सुविधा मिलेेगी। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसकी पहल की है। जिसके तहत पंजाब नेशनल बैंक के साथ एमओयू साइन किया गया है। इस नयी व्यवस्था से लोग आसानी से सम्पत्ति के लिए पंजीकरण करा सकेंगे और उन्हें आर्थिक बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि ‘पहले आओ-पहले पाओ’ योजना के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं में उपलब्ध फ्लैट्स खरीदने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराना होता है। इसके लिए सामान्य श्रेणी के आवेदक को फ्लैट के अनुमानित मूल्य का 5 प्रतिशत और आरक्षित श्रेणी के आवेदक को 2.5 प्रतिशत धनराशि बतौर पंजीकरण शुल्क जमा करना होता है। इसी तरह ई-ऑक्शन में प्रस्तावित व्यावसायिक एवं आवासीय भूखण्ड/भवन/दुकान खरीदने के लिए आवेदक को सम्पत्ति के मूल्य की 10 प्रतिशत धनराशि ईएमडी के रूप में जमा करनी होती है।
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वहीं, लॉटरी के माध्यम से आवंटित किये जाने वाले भूखण्ड/भवन के लिए भी पंजीकरण धनराशि जमा करानी पड़ती है। वीसी ने बताया कि सम्पत्ति आवंटित होने पर बैंक आवंटन पत्र के आधार पर आवंटी को लोन दे देते हैं। लेकिन, पंजीकरण धनराशि के लिए कोई भी बैंक लोन की सुविधा नहीं देता है। जिसके कारण कई बार नागरिकों को मायूसी का सामना करना पड़ता था। अब नयी व्यवस्था के तहत ऐसे इच्छुक नागरिक, जो एकमुश्त पंजीकरण धनराशि जमा करने में असमर्थ हैं, वे बैंक लोन की सहायता से सम्पत्ति के लिए आसानी से पंजीकरण करा सकेंगे।
उन्हें आर्थिक बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा और ज्यादा से ज्यादा लोग प्राधिकरण की योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी सम्पत्ति के मालिक बन सकेंगे। एलडीए के वित्त नियंत्रक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि नयी व्यवस्था के अंतर्गत यदि आवेदक को भूखण्ड अथवा भवन का आवंटन हो जाता है, तो शेष धनराशि के लिए बैंक से ऋण लेने की प्रक्रिया भी सरल होगी।
आवेदक को दोबारा बैंक में विस्तृत कागजी औपचारिकताएं पूरी नहीं करनी पड़ेंगी और समय की बचत होगी। वहीं, अगर आवेदक को सम्पत्ति का आवंटन नहीं हो पाता है, तो एलडीए पंजीकरण धनराशि सीधे पंजाब नेशनल बैंक को वापस कर देगा। इससे आवेदकों के हित सुरक्षित रहेंगे और धनवापसी की प्रक्रिया भी पारदर्शी एवं आसान होगी।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
