- पेट्रोल-डीजल में मिलावट करने वाले गैंग के सदस्य गिरफ्तार
लखनऊ। बुधवार पेट्रोल-डीजल में मिलावट करके बेचने वाले गैंग के चार आरोपियों को क्राइम ब्रांच ने मलिहाबाद के सन्यासी बाग फ्लाईओवर के पास से गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि गिरोह ऑयल कंपनियों के जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम और हाई सिक्योरिटी लॉक की टेक्निकल कमियों का फायदा उठाकर सुनियोजित तरीके से तेल चोरी करते थे।
वाहनों के साथ पकड़े आरोपियों की पहचान सन्यासी बाग मलिहाबाद निवासी अनिल कुमार, काकोरी निवासी अभिषेक राजपूत, हसनगंज उन्नाव निवासी धीरज सिंह और हरदोई निवासी रामतीर्थ (टैंकर चालक) के रूप में हुई। पूछताछ में पता चला कि गिरोह रात 11 बजे से सुबह 5-6 बजे के बीच वारदात करता था। चालक क्लच के पास लगे जीपीएस सेंसर की बिजली सप्लाई अस्थायी रूप से निकाल देता था। इससे कंट्रोल रूम में टैंकर उसी जगह खड़ा दिखाई देता था, जबकि आरोपी उसे चोरी और मिलावट के अड्डे तक ले जाकर ईंधन निकाल लेते थे। काम पूरा होने के बाद फिर उसी स्थान पर लौटकर जीपीएस चालू कर देते थे।
टैंकरों में लगे 70 हजार के सेंसर आधारित हाई सिक्योरिटी लॉक को खोलने के लिए आरोपियों ने विशेष मास्टर-की तैयार कर रखी थी। पतले तार से सेंसर को कुछ देर के लिए निष्क्रिय कर लॉक खोल लिया जाता था। चोरी के बाद लॉक दोबारा बंद कर दिया जाता था। इससे न तो ओटीपी जनरेट होती थी और न ही सिस्टम में किसी तरह की एंट्री दर्ज होती थी। गिरोह चोरी का डीजल और पेट्रोल उन ग्रामीण इलाकों में बेचता था, जहां पेट्रोल पंप दूर-दूर हैं। कम कीमत पर किसानों और ग्रामीणों को ईंधन बेचकर बड़ा मुनाफा कमाया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक आरोपी रात में करीब 50 लीटर तक ईंधन निकाल लेते थे और दिन में डिलीवरी करते थे। पूछताछ में टैंकर चालक ने स्वीकार किया कि वह डिपो से निकलने के बाद रास्ते में ईंधन निकालकर गिरोह के सरगना को बेच देता था।
सरगना उसमें साल्वेंट मिलाकर स्थानीय ग्राहकों को ज्यादा कीमत पर बेचता था। इस धंधे में कई अन्य लोग भी शामिल थे। जांच के दौरान पुलिस को एक और चौंकाने वाला तथ्य मिला। गिरोह के एक सदस्य ने अपने मकान के बेसमेंट में बड़ी मात्रा में पेट्रोल, डीजल और अन्य ज्वलनशील पदार्थ जमा कर रखे थे, जबकि वह परिवार के साथ उसी मकान की ऊपरी मंजिल पर रहता था। बेसमेंट में पेट्रोल की तेज गंध फैली हुई थी। गर्मी के मौसम में हल्की चिंगारी या शॉर्ट सर्किट भी बड़े विस्फोट और भीषण आग का कारण बन सकता था। घनी आबादी के बीच इस तरह का अवैध भंडारण पूरे इलाके के लिए बड़ा खतरा था।