एससीईआरटी कार्यालय के बाहर सहायक शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने दिया धरना
आरक्षण में हुई गड़बड़ी को लेकर लगातार सुनवाई की मांग कर रहे अभ्यर्थी
- पिछले 6 साल से कोर्ट में चल रहा है मामला
लखनऊ। मंगलवार 69000 सहायक शिक्षक भर्ती के आरक्षण पीड़ित याची अभ्यर्थियों ने निशातगंज स्थित एससीईआरटी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान अभ्यर्थियों ने सरकार से न्याय की गुहार लगाते हुए स्पष्ट तौर पर कहा कि आरक्षण पीड़ित याची अभ्यर्थी वर्ष 2020 से हाई कोर्ट में याची बनकर याची लाभ का न्याय मांग रहे हैं। वह पिछले 6 साल से कोर्ट में अपनी लड़ाई याची बनकर लड़ रहे हैं, तथा आए दिन लखनऊ में धरना प्रदर्शन करते हैं।
मंगलवार भी उन्हें लखनऊ में धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा। अभ्यर्थियों की मांग है कि उत्तर प्रदेश सरकार 21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपांकर दत्ता तथा एवं जस्टिस शील नागू की बेंच में होने वाली सुनवाई में आरक्षण पीड़ित यांची अभ्यर्थियों के पक्ष में याची लाभ का प्रपोजल पेश करे। इस मामले का निस्तारण करें। जिससे पिछले 6 साल से चले आ रहे इस विवाद का अंत हो।
कोर्ट में याची बनकर पिछले 6 साल से न्याय मांग रहे आरक्षण पीड़ित यांची अभ्यर्थियों को याची लाभ के माध्यम से नौकरी प्राप्त हो। उत्तर प्रदेश सरकार ऐसा करती है तो यह विवाद पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा और याची लाभ देने से किसी भी वर्ग का अहित नहीं होगा क्योंकि इस भर्ती में याची लाभ ही एक बीच का रास्ता है जिसके तहत इस विवाद का निस्तारण किया जा सकता है।
आरक्षण पीड़ित याची अभ्यर्थियों का धरना प्रदर्शन एससीईआरटी कार्यालय पर सुबह 11:00 बजे के करीब शुरू हुआ तथा आरक्षण पीड़ित याची अभ्यर्थी एससीईआरटी पर बारिश में भी प्रदर्शन करते रहे। विभिन्न जिलों से आए आरक्षण पंडित यांची अभ्यर्थियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार जब तक न्याय नहीं दे देती तब तक वह प्रदर्शन समय-समय पर करते रहेंगे वही कुछ अभ्यर्थियों ने लिस्ट को रिविजिट किया जाए इस पर अपनी बात कही ।
पिछले 6 साल से आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों का कोर्ट में केस लड़ रहे पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप का कहना है कि हम नहीं चाहते कि राज्य सरकार अवैध शिक्षकों को इस भर्ती प्रक्रिया से बाहर करें बल्कि हम चाहते हैं कि ऐसे आरक्षण पीड़ित याची अभ्यर्थी जो पिछले 6 साल से और वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में भी कोर्ट में अपनी न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं उन सभी आरक्षण पीड़ित यांची अभ्यर्थियों को याची लाभ देकर इस मामले का निस्तारण कर दिया जाए और हमने इस बात को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों को तथा भाजपा के तमाम नेताओं को अवगत करा दिया है।
कि हम स्वयं के लिए याची लाभ का न्याय मांग रहे है ना कि किसी अवैध शिक्षक को बाहर करने के लिए लड़ रहे यदि हमारे संघर्ष के सभी आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों को याची लाभ का न्याय मिल जाता है तो इस केस को समाप्त करने के लिए यह सबसे अच्छा रास्ता है क्योंकि तमाम अभ्यर्थी पिछले 6 साल से आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और उनको याची लाभ दिलाना यह हमारी न्याय की लड़ाई है ।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
