दुबग्गा चौराहे पर प्रस्तावित फ्लाईओवर के निर्माण कार्य का डीएम ने किया निरीक्षण
₹305.31 करोड़ की परियोजना से जाम से मिलेगी राहत
- लगभग 4 लाख आबादी होगी लाभान्वित
लखनऊ। मंगलवार डीएम विशाख ने लखनऊ–हरदोई मार्ग स्थित दुबग्गा चौराहे पर प्रस्तावित फ्लाईओवर निर्माण कार्य के लिए चिन्हित स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को परियोजना से जुड़े सभी तकनीकी, प्रशासनिक एवं विभागीय समन्वय के कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण करते हुए निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान परियोजना अधिकारी, उत्तर प्रदेश सेतु निगम अमित वर्मा ने बताया कि परियोजना के लिए लगभग ₹305.31 करोड़ की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। प्रस्तावित फ्लाईओवर की लंबाई 1800 मीटर तथा चौड़ाई 11.50 मीटर होगी। उन्होंने बताया कि परियोजना के अंतर्गत वन विभाग, मंडी परिषद एवं लखनऊ विकास प्राधिकरण की भूमि प्रभावित हो रही है।
इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभागों के साथ आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक समन्वय स्थापित करते हुए भूमि संबंधी औपचारिकताओं एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए, जिससे निर्माण कार्य बिना विलंब प्रारंभ हो सके।
परियोजना अधिकारी ने बताया कि फ्लाईओवर के निर्माण के बाद कानपुर बाईपास एवं आगरा एक्सप्रेस-वे से आने वाला यातायात सीधे हरदोई रोड से जुड़ सकेगा। इससे हरदोई, सीतापुर, मलिहाबाद, चौक एवं बुद्धेश्वर क्षेत्र के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा तथा दुबग्गा चौराहे पर लंबे समय से बनी रहने वाली जाम की समस्या से व्यापक राहत मिलेगी। परियोजना के पूर्ण होने पर लगभग चार लाख की आबादी को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा तथा क्षेत्र के व्यापारिक, आर्थिक एवं आधारभूत विकास को भी नई गति मिलेगी।
निरीक्षण के उपरांत डीएम ने सेतु निर्माण कार्य में आ रही अंतर्विभागीय समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में वन विभाग, मंडी परिषद एवं एलडीए से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। समीक्षा के दौरान परियोजना अधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित फ्लाईओवर के एलाइनमेंट में लगभग 0.3841 हेक्टेयर वन भूमि तथा दुबग्गा मंडी परिसर के बाहर स्थित मंडी परिषद की भूमि प्रभावित हो रही है। इस पर डीएम ने सचिव मंडी एवं उप निदेशक मंडी परिषद को निर्देशित किया कि प्रभावित भूमि का शीघ्र आकलन कर प्रतिकर की धनराशि का विवरण सेतु निगम को उपलब्ध कराया जाए।
साथ ही वन भूमि से संबंधित प्रकरण में निर्देश दिए गए कि स्वीकृत एलाइनमेंट के आधार पर प्रभावित भूमि पर कार्य प्रारंभ किए जाने हेतु आवश्यक अनुमतियों के लिए वन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर तत्काल आवेदन किया जाए। बैठक में अपर जिलाधिकारी नगर पूर्वी, परियोजना अधिकारी सेतु निगम, उप जिलाधिकारी सदर, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, मंडी परिषद सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
