\शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का धरना
लखनऊ। प्रदेश में 69000 शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों ने मंगलवार को बेसिक शिक्षा निदेशालय समक्ष धरना दिया। इनका आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं कर रही है। उन्होंने आरक्षण का पालन करते हुए शिक्षा विभाग द्वारा चयन सूची जारी करने मांग दोहराई।
तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी बेसिक शिक्षा निदेशालय पहुंचे और नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। इनका आरोप कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन काम नहीं कर रही है इसीलिए वह सभी धरने पर बैठे हैं।
सरकार के द्वारा सुप्रीम कोर्ट से 6 सप्ताह का समय मांगा था जो बीत गया है लेकिन अभी तक लिस्ट री—विजिट नहीं हुई। इस शिक्षक भर्ती मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 21 जुलाई को होनी है जिसमें हम किसी तरह का हीला हवाली नहीं चाहते। धरना दे रहे विक्रम और अमित मौर्य ने बताया की बेसिक शिक्षा विभाग की 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण की अनदेखी के कारण आरक्षित वर्ग के हजारों अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया से बाहर हो गए।
पिछले लगभग 6 वर्षों से आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी लगातार आरक्षण नियमों के पालन की मांग को लेकर आंदोलित है। गत 13 अगस्त 2024 को लखनऊ हाई कोर्ट के डबल बेंच ने नियमों का पालन करते हुए अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिए जाने का आदेश दिया था लेकिन आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिला। पिछली सुनवाई के दौरान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से समय मांगा था। सुप्रीम कोर्ट ने जो समय दिया था वह पूरा हो चुका है लेकिन अभी तक लिस्ट री—विजिट नहीं की गयी है।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
