दुर्घटना रहित कांवड़ यात्रा कराना सर्वोच्च प्राथमिकता: डीजीपी राजीव कृष्ण
अपराधियों के 100 फीसदी सत्यापन और जीरो हादसों का दिया लक्ष्य
- मिशन शक्ति केन्द्रो की स्थापना से महिला सम्बन्धी अपराधो में कमी
लखनऊ। मंगलवार डीजीपी राजीव कृष्ण ने आगामी कांवड़ यात्रा एवं अन्य प्रमुख पर्वों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और दुर्घटनारहित ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और यातायात प्रबंधन के सभी आवश्यक इंतजाम समय रहते पूरे करने होंगे, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो और कानून-व्यवस्था पूरी तरह बनी रहे।
पुलिस मुख्यालय में आयोजित ऑनलाइन अपराध समीक्षा बैठक में डीजीपी ने प्रदेश के सभी अधिकारियों को कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की। बैठक में कांवड़ यात्रा, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण, अपराधियों के सत्यापन, महिला सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, गुमशुदा बच्चों की बरामदगी तथा थानों में खड़े वाहनों के निस्तारण सहित अनेक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
डीजीपी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए। कांवड़ मार्गों, शिविरों, घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा के साथ-साथ बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था तथा यातायात संचालन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर शांति समितियों के साथ समन्वय बनाए रखते हुए सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखा जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर निरोधात्मक कार्रवाई भी की जाए।
कांवड़ यात्रा के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों की ऊंचाई और ध्वनि का स्तर निर्धारित मानकों के अनुसार रखा जाए। ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी कैमरों तथा सामाजिक माध्यमों की निगरानी के जरिए प्रत्येक गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाए। सीमावर्ती जनपदों और पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ भी लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
