एक साथ चुनाव से समय, संसाधन और ऊर्जा की होगी बचत : सतीश महाना
मिति में लोकसभा एवं राज्यसभा के कुल 39 सदस्य शामिल
- ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के प्रस्तावित कानून को लेकर विभिन्न हितधारकों से संवाद की प्रक्रिया शुरू
लखनऊ। संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 एवं संघ राज्य क्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 की समीक्षा कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के प्रस्तावित कानून को लेकर उत्तर प्रदेश में विभिन्न हितधारकों से संवाद की प्रक्रिया शुरू की है।
पीपी चौधरी की अध्यक्षता वाली यह समिति लगातार सांसदों,विधायकों, जनप्रतिनिधियों , प्रशासनिक अधिकारियों से समेत समाज के विभिन्न वर्गों से भेंट कर कर विचार -विमर्श कर रही है; मंगलवार को भी यह क्रम जारी रहा। मंगलवार को गोमती नगर में आयोजित कार्यक्रम में समिति ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना से भेंट कर एक साथ चुनाव कराने के संबंध में उनके विचार एवं सुझाव प्राप्त किए।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने समिति के समक्ष अपने विचार रखते हुए कहा कि पूरे देश में एक राष्ट्र और एक चुनाव की भावना लंबे समय से रही है। एक देश, एक चुनाव केवल नेताओं के लिए नहीं बल्कि जनता के लिए भी सुविधाजनक होगा। बार-बार चुनाव होने से जनता और जनप्रतिनिधि दोनों प्रभावित होते हैं। कहा कि बार-बार चुनाव होने से प्रशासनिक मशीनरी, सुरक्षा बलों और सरकारी संसाधनों का बड़ा हिस्सा चुनावी प्रक्रिया में व्यस्त रहता है। एक साथ चुनाव होने से इन संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा और विकास योजनाओं की गति भी बनी रहेगी।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी सर्वोपरि है। चुनाव व्यवस्था में सुधार करते समय सभी राजनीतिक दलों, संवैधानिक संस्थाओं, विशेषज्ञों और आम जनता के सुझावों को ध्यान में रखना आवश्यक है। संयुक्त संसदीय समिति अपने लखनऊ प्रवास के दौरान उत्तर प्रदेश विधानमंडल के सदस्यों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, विधि विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, उद्योग एवं व्यापार संगठनों, प्रबुद्धजनों तथा मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद कर रही है।
सांसद पीपी चौधरी की अध्यक्षता वाली संयुक्त संसदीय समिति उत्तर प्रदेश के लखनऊ में तीन दिवसीय अध्ययन दौरे पर है।इससे पूर्व महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात और गोवा में भी विभिन्न हितधारकों से विचार-विमर्श कर चुकी है। समिति में लोकसभा एवं राज्यसभा के कुल 39 सदस्य शामिल हैं। समिति द्वारा प्राप्त सुझावों को अपनी अंतिम रिपोर्ट में सम्मिलित किया जाएगा।उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ में मंगलवार को कहा कि जब देश आज़ाद हुआ, तब लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ होते थे।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
