उप मुख्यमंत्री ने आईजीआरएस के तहत प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए कहा कि शिकायतों का समाधान केवल कागजों पर नहीं, बल्कि मौके पर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से होना चाहिए। निस्तारण के बाद उसका सत्यापन भी कराया जाए। किसी शिकायत के निस्तारण में लापरवाही अथवा फर्जी निस्तारण पाए जाने पर संबंधित कार्मिक के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी से पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों की जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि सर्वे कराकर पात्र और छूटे हुए लोगों को पेंशन योजना से जोड़ा जाए। दिव्यांगजनों के लिए भी विशेष पहल करते हुए पात्रों का सर्वे कर मोटराइज्ड ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा। प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना में भी छूटे हुए पात्र परिवारों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
तहसीलों में लंबे समय से जमे कार्मिकों का हो तबादला
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नियमानुसार लंबे समय से एक ही तहसील में तैनात कार्मिकों का स्थानांतरण किया जाए। भूमि विवादों का प्रभावी ढंग से निस्तारण कराने के साथ ही गांवों में नियमित रूप से ग्राम चौपाल आयोजित की जाएं, ताकि ग्रामीणों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान हो सके।
उन्होंने प्रत्येक विकासखंड में स्वयं सहायता समूह की बड़ी इकाई स्थापित करने के लिए जल्द आवश्यक कार्रवाई पूरी करने को कहा। वहीं, चकमार्ग, खलिहान और अन्य सरकारी भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
हर घर तक पहुंचे पानी, पीएम सूर्यघर योजना में बढ़े प्रगति
जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों से गांवों में कराए गए कार्यों की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन गांवों में योजना का कार्य पूरा होने और जलापूर्ति शुरू होने का दावा किया जा रहा है, वहां घर-घर सत्यापन कराया जाए कि वास्तव में सभी परिवारों को नियमित रूप से पानी मिल रहा है या नहीं।
पीएम सूर्यघर योजना के तहत आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति सुनिश्चित करने के साथ ही आमजन को योजना के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक पहुंचना चाहिए।
अस्पतालों में मरीजों को मिले बेहतर उपचार
उप मुख्यमंत्री ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि जिले के अस्पतालों में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। दवाओं, जांच और उपचार की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि मरीजों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि निराश्रित गोवंशों को अभियान चलाकर गोशालाओं में संरक्षित कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई भी निराश्रित गोवंश सड़कों पर घूमता हुआ नहीं मिलना चाहिए।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर, चायल विधायक पूजा पाल, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य, अवधेश गुप्ता, निवर्तमान विधायक संजय कुमार गुप्ता, लाल बहादुर, शीतला प्रसाद उर्फ पप्पू पटेल, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा, नगर पालिका परिषद मंझनपुर के अध्यक्ष वीरेंद्र फौजी, भरवारी की अध्यक्ष कविता पासी, नगर पंचायत अझुवा की अध्यक्ष शांति देवी, शिव मोहन मौर्य, चंद्रदत्त शुक्ला, जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल, पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण, मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।