'श्रमिक एप' बना श्रमिकों के लिए रोजगार और सरकारी योजनाओं का डिजिटल साथी
भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकारों के लिए "श्रमिक एप" बना रोजगार और सरकारी योजनाओं तक पहुंच का सशक्त माध्यम
आनंद मिश्रा
- श्रमिक एप पर पंजीकरण कराने वाले निर्माण श्रमिकों को मिलेगा रोजगार
मऊ। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा निर्माण कार्यों से जुड़े श्रमिकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से "श्रमिक एप (B.O.C.W.)" डिजिटल लेबर प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया है। यह एप श्रमिकों और नियोजकों के बीच एक प्रभावी डिजिटल सेतु के रूप में कार्य करेगा।
सहायक श्रमायुक्त प्रभात कुमार सिंह ने बताया कि श्रमिक एप पर पंजीकरण कराने वाले निर्माण श्रमिकों को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। वहीं बिल्डिंग ठेकेदार, निर्माण एजेंसियां एवं अन्य नियोजक अपनी आवश्यकता के अनुसार पंजीकृत श्रमिकों की तलाश कर सकेंगे। यह एप एंड्रॉयड आधारित है तथा आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस एप में श्रमिक अपनी उपलब्धता दर्ज कर सकेंगे, जबकि नियोजक अपनी श्रमिकों की मांग ऑनलाइन दर्ज करेंगे। इससे दोनों पक्षों के बीच पारदर्शी एवं त्वरित संपर्क स्थापित होगा और रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अधिक सरल एवं प्रभावी बनेगी।
सहायक श्रमायुक्त ने जनपद के समस्त निर्माण श्रमिकों, नियोजकों एवं श्रमिक संगठनों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में श्रमिक एप का उपयोग करें तथा अन्य श्रमिकों को भी इसके प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से श्रमिक न केवल रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकेंगे, बल्कि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने सभी संबंधित संस्थाओं एवं नागरिकों से श्रमिक एप के व्यापक प्रचार-प्रसार में सहयोग करने का भी आह्वान किया, ताकि अधिकाधिक निर्माण श्रमिक इस सुविधा का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन सकें।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
