श्रावण मास से पहले दुःखहरण नाथ मंदिर की व्यवस्थाओं का एसडीएम ने किया निरीक्षण
श्रावण मास को लेकर प्रशासन अलर्ट
मोहम्मद अय्यूब
- निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिए दिशा-निर्देश
उतरौला (बलरामपुर)। श्रावण मास के पावन अवसर पर ऐतिहासिक दुःखहरण नाथ मंदिर में भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की प्रति वर्ष भारी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक करते है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर उपजिलाधिकारी मनोज कुमार सरोज ने मंगलवार को मंदिर परिसर एवं कांवड़ यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मंदिर परिसर में साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कांवड़ यात्रा मार्ग का भी जायजा लेकर आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
ये खबर भी पढ़े : महिला की नहर में डूबकर हुई मौत के मामले में ससुरालियाें पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्जश्रावण मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु राप्ती नदी के कटरा घाट से पवित्र जल लेकर लगभग पांच किलोमीटर की पदयात्रा करते हुए ऐतिहासिक दुःखहरण नाथ मंदिर पहुंचते हैं। यहां भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक कर श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
