प्रस्तावित सर्किल रेट के विरोध में एडीएम से मिला अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल, सौंपा ज्ञापन
दुद्धी,सोनभद्र। जमीन बैनामे (रजिस्ट्री) की प्रस्तावित नई मूल्य सूची (सर्किल रेट) के विरोध में तहसील क्षेत्र के अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है।मंगलवार को अधिवक्ताओं के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिला अधिकारी (एडीएम)वागिश शुक्ला से मुलाकात की और मनमाने ढंग से बढ़ाए गए सर्किल रेट को तत्काल वापस लेने की मांग को लेकर एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जनहित की अनदेखी कर नई दरें थोपी गईं, तो वे व्यापक आंदोलन को बाध्य होंगे।
एडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा कि दुद्धी क्षेत्र की भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों की तुलना शहरी या विकसित क्षेत्रों से करना पूरी तरह से अनुचित है। कृषि भूमि के मूल्यांकन पर गहरी आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य मार्ग (सड़क किनारे) स्थित उपजाऊ कृषि भूमि के एक हिस्से को जबरन आवासीय मानकर उसकी दरें तय की जा रही हैं। इस विसंगति के कारण वास्तविक रूप से खेती करने वाले किसानों और आम ग्रामीणों पर अतिरिक्त स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क का भारी बोझ पड़ेगा, जो सीधे तौर पर जनविरोधी कदम है।
प्रतिनिधिमंडल ने शक्तिनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा बिना धरातलीय विकास के वसूले जा रहे अतिरिक्त दो प्रतिशत शुल्क पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। अधिवक्ता संघ ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि वर्तमान प्रस्तावित मूल्य सूची-2026 को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए और इसके स्थान पर पुरानी मूल्य सूची-2024 को ही यथावत रखा जाए।
प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनने के बाद एडीएम वागिश शुक्ला ने अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया कि उनकी सभी आपत्तियों और सुझावों की समीक्षा की जाएगी और जनहित में उचित व तार्किक समाधान निकाला जाएगा। इस अवसर पर दुद्धी बार एसोसिएशन अध्यक्ष कुलभूषण पाण्डेय, पूर्व अध्यक्ष प्रेमचंद यादव, जितेंद्र श्रीवास्तव, रामजी पाण्डेय, आनंद कुमार,पीयूष कुमार, बबिता गुप्ता, रेणुवंती सहित अन्य अधिवक्तागण मौजूद रहे।
