नवागत खंड विकास अधिकारी डॉ. जितेंद्र नाथ दुबे ने संभाला कार्यभार
जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना पहली प्राथमिकता
दुद्धी,सोनभद्र। स्थानीय विकास खंड कार्यालय में नवागत खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) डॉ. जितेंद्र नाथ दुबे ने शनिवार को दुद्धी ब्लॉक मुख्यालय पहुंचकर विधिवत अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है। पदभार संभालते ही उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य है।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए बीडीओ डॉ. जितेंद्र नाथ दुबे ने क्षेत्र की जनता से अपील की कि वे अपने कार्यों के लिए सीधे ब्लॉक कार्यालय आएं। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, ष्जनता बिचैलिए व दलाल किस्म के लोगों से सावधान रहे और उनके बहकावे में न आए।ष् उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि कोई बिचैलिया काम कराने के नाम पर गुमराह करता है, तो तुरंत इसकी जानकारी उन्हें दें, ताकि ऐसे तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
बीडीओ ने कहा कि शासन द्वारा संचालित वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना समेत सभी प्रकार की ग्रामीण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पात्र गरीबों और जरूरतमंदों को उपलब्ध कराया जाएगा। किसी भी गरीब व्यक्ति को ब्लॉक के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण जनता ही उनके लिए सर्वोपरि है।
शनिवार को कार्यालय में पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद नवागत बीडीओ ने ब्लॉक के सभी अधिकारियों, पटल सहायकों और ग्राम विकास अधिकारियों (सेक्रेटरी) के साथ एक आवश्यक परिचयात्मक बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने विकास खंड में चल रही विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने सभी कर्मचारियों को पूरी पारदर्शिता, ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ दायित्वों का निर्वहन करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डॉ. दुबे ने अपने कार्य करने की शैली को स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्हें क्षेत्र भ्रमण करने में अत्यधिक रुचि है। वे कागजी दावों के बजाय धरातलीय हकीकत पर भरोसा करते हैं। बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों की वास्तविक प्रगति का जायजा लेने के लिए वे बिना किसी पूर्व सूचना या स्थानीय कर्मचारियों के सहयोग के स्वयं कभी भी किसी भी गांव का औचक निरीक्षण कर सकते हैं।
