मनमाने ढंग से हटाए गए 25,000 संविदा कर्मियों को करे बहाल - संघर्ष समिति

2017 के निर्धारित मानकों के अनुरूप संविदा कर्मियों की संख्या बहाल करने की मांग

Published By Harshit
On
Harshit Picture
By Harshit

लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केंद्रीय पदाधिकारियों ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा द्वारा बिना कारण संविदा कर्मियों को सेवा से न हटाए जाने संबंधी दिए गए निर्देशों का स्वागत करते हुए पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन से मांग की है कि पिछले ढाई वर्षों के दौरान निजीकरण की तैयारी और कथित "मैनपावर रेशनलाइजेशन" के नाम पर हटाए गए लगभग 25,000 संविदा कर्मियों को तत्काल सेवा में वापस लिया जाए।

संघर्ष समिति ने कहा कि वर्ष 2017 में जारी आदेश के अनुसार शहरी क्षेत्रों के विद्युत उपकेंद्रों पर 36 तथा ग्रामीण क्षेत्रों के विद्युत उपकेंद्रों पर 20 संविदा कर्मियों की व्यवस्था निर्धारित की गई थी। इसी मानक के आधार पर प्रदेश की विद्युत व्यवस्था वर्षों तक सुचारु रूप से संचालित होती रही।

विधानसभा: चंदा चोरी पर हंगामें के बीच मदरसों की गूंज  ये खबर भी पढ़े : विधानसभा: चंदा चोरी पर हंगामें के बीच मदरसों की गूंज 

संघर्ष समिति ने बताया कि अक्टूबर 2024 से इन निर्धारित मानकों के विपरीत बड़े पैमाने पर संविदा कर्मियों को हटाने का अभियान शुरू किया गया। उल्लेखनीय है कि नवंबर 2024 में पावर कॉरपोरेशन के  अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल द्वारा पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम तथा दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया की घोषणा की गई थी। संघर्ष समिति का आरोप है कि उसी के बाद निजीकरण की तैयारी के तहत संविदा कर्मियों की संख्या में कटौती प्रारंभ कर दी गई।

संघर्ष समिति ने बताया कि नए टेंडरों में निर्धारित मानकों को दरकिनार करते हुए शहरी क्षेत्रों में 36 संविदा कर्मियों के स्थान पर मात्र 18.5 तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 20 कर्मियों के स्थान पर केवल 12.5 कर्मियों की व्यवस्था का प्रावधान किया जा रहा है। राजधानी लखनऊ सहित जिन स्थानों पर वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग किया गया है वह शहरी क्षेत्र में संविदा कर्मियों की संख्या घटकर 7.5 कर दी गई है।इसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में अनुभवी संविदा कर्मियों, जिनमें अनेक ऐसे कर्मचारी भी शामिल हैं जो 20-25 वर्षों से विद्युत व्यवस्था के संचालन एवं रखरखाव में योगदान दे रहे थे, को सेवा से बाहर कर दिया गया है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेशभर में लगभग 25,000 से अधिक संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं।

संघर्ष समिति ने यह भी कहा कि संविदा कर्मियों को 55 वर्ष की आयु में अनिवार्य रूप से हटाने का निर्णय भी पूरी तरह अन्यायपूर्ण और अमानवीय है। अनेक ऐसे संविदा कर्मी, जिन्होंने बिजली व्यवस्था को बनाए रखने के दौरान दुर्घटनाओं में अपने हाथ-पैर तक गंवा दिए, उन्हें भी सेवा से बाहर कर दिया गया। संघर्ष समिति ने सवाल उठाया कि जब निगमों के शीर्ष अधिकारियों और प्रबंध निदेशकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष है, तब संविदा कर्मियों को 55 वर्ष की आयु में हटाने का औचित्य क्या है?

संघर्ष समिति  ने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान विद्युत आपूर्ति में बाधाओं और फॉल्ट की घटनाओं में कोई असामान्य वृद्धि नहीं हुई है, बल्कि समस्या यह है कि फॉल्टों को तत्काल ठीक करने वाले अनुभवी संविदा कर्मियों की संख्या लगातार घटा दी गई है। परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली बाधित रहने की परेशानी झेलनी पड़ रही है और विद्युत कर्मचारियों पर भी कार्यभार असहनीय रूप से बढ़ गया है।

संघर्ष समिति ने कहा कि जब स्वयं ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि बिना कारण किसी भी कर्मी को सेवा से न हटाया जाए, तब 2017 के निर्धारित मानकों के विपरीत किए गए टेंडरों की समीक्षा कर सभी हटाए गए संविदा कर्मियों को तत्काल सेवा में बहाल किया जाना चाहिए। साथ ही उपकेंद्रों एवं विद्युत वितरण व्यवस्था में आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित कर प्रदेश की बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाया जाना चाहिए।

लेखक के बारे में

Harshit Picture

हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

नवीनतम

मप्र में मानसून सुस्त, 18% कम बारिश; कई जिलों में अलर्ट जारी

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की सुस्ती से बारिश का आंकड़ा माइनस में पहुंच गया है। प्रदेश में अब तक...
मध्य प्रदेश 
मप्र में मानसून सुस्त, 18% कम बारिश; कई जिलों में अलर्ट जारी

नोएडा: विभिन्न जगहों पर निवेश, लिंक और ब्लैकमेल से 79 लाख की ठगी

नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा में विभिन्न जगहों पर रहने वाले 10 लोग साइबर अपराधियों के शिकार हो गए। साइबर...
उत्तर प्रदेश 
नोएडा: विभिन्न जगहों पर निवेश, लिंक और ब्लैकमेल से 79 लाख की ठगी

रूस पर बढ़े हमले, अब तक कम से कम 100 लोगों की मौत

मॉस्को। रूसी विदेश मंत्रालय में विशेष दूत रोडियन मिरोशनिक ने कहा कि यूक्रेन के नए सैन्य प्रमुख मिखाइल द्रापाटी की...
अंतर्राष्ट्रीय 
रूस पर बढ़े हमले, अब तक कम से कम 100 लोगों की मौत

यूपी में फिर सक्रिय हुआ मानसून, कई जिलों में झमाझम बारिश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मंगलवार को प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों...
राज्य  उत्तर प्रदेश 
यूपी में फिर सक्रिय हुआ मानसून, कई जिलों में झमाझम बारिश

चेहल्लुम पर अकीदत में डूबा शिया समुदाय

बदायूं। इमाम हुसैन और शहीदाने कर्बला की शहादत के 40 दिन पूरे होने पर मंगलवार को चेहल्लुम (अरबईन) अकीदत और...
उत्तर प्रदेश 
चेहल्लुम पर अकीदत में डूबा शिया समुदाय

उत्तर प्रदेश

नोएडा: विभिन्न जगहों पर निवेश, लिंक और ब्लैकमेल से 79 लाख की ठगी

नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा में विभिन्न जगहों पर रहने वाले 10 लोग साइबर अपराधियों के शिकार हो गए। साइबर...
उत्तर प्रदेश 
नोएडा: विभिन्न जगहों पर निवेश, लिंक और ब्लैकमेल से 79 लाख की ठगी

यूपी में फिर सक्रिय हुआ मानसून, कई जिलों में झमाझम बारिश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मंगलवार को प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों...
राज्य  उत्तर प्रदेश 
यूपी में फिर सक्रिय हुआ मानसून, कई जिलों में झमाझम बारिश

चेहल्लुम पर अकीदत में डूबा शिया समुदाय

बदायूं। इमाम हुसैन और शहीदाने कर्बला की शहादत के 40 दिन पूरे होने पर मंगलवार को चेहल्लुम (अरबईन) अकीदत और...
उत्तर प्रदेश 
चेहल्लुम पर अकीदत में डूबा शिया समुदाय

उ0 प्र0 राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष ने जिला अस्पताल का किया औचक निरीक्षण

फिरोजाबाद,उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती चारू चौधरी ने मंगलवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया निरीक्षण...
राज्य  उत्तर प्रदेश 
उ0 प्र0 राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष ने जिला अस्पताल का किया औचक निरीक्षण