विधानसभा: चंदा चोरी पर हंगामें के बीच मदरसों की गूंज
सपा -भाजपा के बीच बयानबाजी तेज
लखनऊ। सदन से लेकर सड़क तक इन दिनों राम मंदिर के चंदा चोरी को लेकर सरकार पर विपक्ष हमलावर है। दिल्ली के बाद यूपी विधानसभा में भी मानसून सत्र के दौरान यही मुद्दा छाया हुआ है। मंगलवार को भी इसी मुद्े पर चर्चा कराने की मांग को लेकर विपक्ष हंगामा करते रहा इसी बीच अनुपूरक बजट एवं अन्य विधायी कार्य संपन्न हो गये। हगामें के बीच मदरसों की शिक्षा को लेकर नई बहस भाजपा एवं सपा के बीच आरंभ हो गयी। यानी सत्ता पक्ष एक बार फिर राजनीति को डायवर्ट करने तथा विपक्षी दल इस मामले को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है। जबकि जनता इन दोनों ही मुद्दों पर कोई खास रुचि नहीं रखती।
विधानसभा में सोमवार से चल रहे मानसून सत्र में राम मंदिर के चंदा चोरी को लेकर हंगामा जारी है जिससे जनहित एवं विकास के लिए पेश किये गये अनुपूरक बजट तक पर चर्चा नहीं हो पा रही है। इसी मुद्दे को लेकर हंगामा कर रहे सपा सदस्य सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए विधानसभा अध्यक्ष ने निलंबित कर दिया। वहीं सपा ने इस मुद्दे को लेकर आगे भी प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया। इसी बीच विधान परिषद में नेता सदन एवं उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मदरसे में पढ़ने वालों की मानसिकता एक आतंकवादी जैसी होती है। मदरसी शिक्षा जो भी प्राप्त करता है वो भारत माता की जय और वंदे मातरम गान का परहेज करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि मदरसा चाहे भारत का हो या पाकिस्तान का, देखा जाए तो वे अघोषित तौर पर आतंकवादियों को पैदा करने की फैक्ट्री हैं। उनका चरित्र और उनका मकसद आतंकवाद को बढ़ावा देना ही है। इतना हीं नहीं उन्होेंने यह भी कहा कि सपा प्रमुख मुस्लिम वोट के लिए जाली दार टोपी पहनते है लेकिन मै नहीं पहन सकता। वह तुष्टीकरण और हम राष्ट्रवाद की राजनीति करते हैं।
डिप्टी सीएम के इस बयान को लेकर सपा विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि ये राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह का बयान दे रहे हैं। क्या वह हिसाब देंगे , जो चढ़ावा चोरी मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करने की बात कर रहे थे। वह फिर हिंदू मुस्लिम की राजनीति करना चाह रहे है लेकिन जनता समझदार हो चुकी है। सवाल यह है कि जनता के पैसे चलने वाले सदन में जन समस्याओं एवं विकास कार्यो पर चर्चा नहीं हो रही है। वह चाहती है कि मंहगाई बेरोजगारी पर चर्चा हो समाधान निकले। वह अब इन दोनों ही मुद्दों से ऊब चुकी है।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
