लखीमपुर-खीरी,22 जुलाई(तरुणमित्र)। जल है तो कल है... इसी संदेश के साथ बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में भूजल सप्ताह का समापन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम अंजनी कुमार सिंह, सीडीओ अभिषेक कुमार ने एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, बृजपाल सिंह के साथ दीप जलाकर और मां सरस्वती पर माल्यार्पण कर किया। कार्यक्रम का सफल संयोजन सहायक अभियंता लघु सिंचाई श्याम सुंदर यादव ने किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएम अंजनी कुमार सिंह ने जिलेवासियों से पानी की हर बूंद बचाने और जल पुनर्भरण के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जल केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। यदि समय रहते हम नहीं चेते तो आने वाले समय में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
डीएम ने कहा कि खेतों, किसानों और जीवन की खुशहाली के लिए जल का संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने जल संचयन और वाटर रिचार्ज पर जोर देते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने स्तर से जल संरक्षण की पहल करनी होगी। जल संरक्षण सप्ताह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने का अभियान है।
सीडीओ अभिषेक कुमार ने कहा कि यह विषय आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा है। सभी लोग जल संरक्षण पर चर्चा करें, दूसरों को जागरूक करें और पानी बचाने में अपना योगदान दें। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सप्ताह लोगों को जल के महत्व के प्रति नई चेतना और सीख देकर जाएगा।
जल संरक्षण पर आधारित नाटक ने बांधा समां,कलाकारों ने दिया पानी बचाने का संदेश....
जल संरक्षण पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम पूरे आयोजन का आकर्षण केंद्र रहा। कलाकार उमेश तिवारी की अगुवाई में साथी कलाकारों ने जल संरक्षण पर आधारित शिक्षाप्रद नाटक का प्रभावी मंचन किया। नाटक के माध्यम से पानी की बढ़ती कमी, जल संचयन की जरूरत और भविष्य के लिए जल बचाने का संदेश दिया गया। कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को भावुक करने के साथ ही जल संरक्षण के प्रति जागरूक भी किया।
जल संरक्षण क्विज में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा,विजेताओं को किया गया सम्मानित..
जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित क्विज प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। प्रतियोगिता में कृषक समाज इंटर कॉलेज गोला की हृदयाशी सक्सेना ने प्रथम स्थान, पं. दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मंदिर के दीपांशु जोशी ने द्वितीय स्थान और सनातन धर्म सरस्वती बालिका विद्या मंदिर की वैष्णवी सिंह चौहान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं अरईश खान और अमन कुमार को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को जल संरक्षण, जल संचयन और भविष्य के लिए जल बचाने के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।