समेसी में 130 बीघे जमीन की फर्जी वरासत का प्रधान ने लगाया आरोप
एडीएम ने दिए जांच के आदेश
सिराज, मोहनलालगंज संवाददाता
मोहनलालगंज,लखनऊ। मोहनलालगंज तहसील में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में अपर जिलाधिकारी सिविल/सप्लाई ज्योति गौतम ने एसडीएम आकाश सिंह व सहायक पुलिस आयुक्त आर.के. सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में फरियादियों की शिकायतें सुनीं और उनके निस्तारण के निर्देश दिए।
समाधान दिवस में ग्राम पंचायत समेसी के प्रधान अशोक कुमार ने एडीएम ज्योति गौतम को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि गांव में गाटा संख्या 13, 14 व 15 की करीब 130 बीघे जमीन की तीन लोगों के नाम कथित तौर पर फर्जी वरासत कर दी गई। प्रधान के मुताबिक उक्त भूमि से संबंधित वाद तहसीलदार न्यायिक के न्यायालय में विचाराधीन था, इसके बावजूद ग्राम सभा का पक्ष सुने बिना 11 सितंबर 2026 को तीन लोगों के नाम पूरी जमीन की वरासत का आदेश कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि तत्कालीन एसडीएम द्वारा पूर्व में उक्त पूरी भूमि को राज्य सरकार में दर्ज किया जा चुका था।प्रधान ने आरोप लगाया कि तीनों गाटों के कथित खातेदारों का इंद्राज भी फर्जी है, क्योंकि उक्त जमीन उन्हें न तो बैनामे से, न वरासत और न ही पट्टे के माध्यम से प्राप्त हुई है। इतनी बड़ी भूमि का एक व्यक्ति के नाम बैनामा अथवा पट्टा होना भी संदिग्ध है। प्रधान ने तहसीलदार न्यायिक न्यायालय द्वारा की गई वरासत को निरस्त कराने के साथ ही भूमि के क्रय-विक्रय पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। एडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम आकाश सिंह को जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
वहीं दिव्यांग महिला गुड्डा देवी निवासी बक्खतखेड़ा मजरा उतरावां ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि वह दिव्यांग होने के कारण कोई काम नहीं कर सकती। पति की मृत्यु हो चुकी है और उसके दो छोटे बच्चे हैं। सरकारी आवास मिलने के बावजूद उसमें बिजली कनेक्शन नहीं है और उसे गुजारा भत्ता भी नहीं मिल रहा है। कई बार समाधान दिवस में शिकायत के बावजूद समस्या का निस्तारण नहीं हुआ।
एडीएम ने एसडीएम को जांच कराकर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।दयालपुर ग्राम पंचायत के मजरा बद्रीखेड़ा के दर्जनों ग्रामीणों ने शिकायत करते हुये सार्वजनिक नाले से अवैध कब्जा हटाने, मंदिर परिसर को गंदगी से मुक्त कराने तथा कच्चे रास्ते पर इंटरलॉकिंग व नाली निर्माण की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि नाले पर कब्जे के कारण बारिश का पानी रास्ते और मंदिर परिसर के आसपास भर जाता है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती है। पूर्व में एसडीएम व बीडीओ से शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब 03 वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट एडिटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
