बंदरों के आतंक से बरूकी में दहशत, ग्रामीणों और दुकानदारों ने की राहत दिलाने की मांग
रामनाथ सिंह
बिजनौर। तहसील बिजनौर के अंतर्गत कस्बा बरूकी में खूंखार बंदरों का बढ़ता आतंक ग्रामीणों और व्यापारियों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। बाजार से लेकर आवासीय क्षेत्रों तक बंदरों के झुंड खुलेआम उत्पात मचा रहे हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो-तीन वर्षों से बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बंदर अचानक घरों की छतों, आंगनों और कमरों में घुस जाते हैं तथा रसोई में रखी खाद्य सामग्री को बिखेर देते हैं। इसके अलावा कपड़े, गमले और अन्य घरेलू सामान को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ घरों से सामान उठाकर इधर-उधर फेंक देते हैं।
ये खबर भी पढ़े : मां विंध्यवासिनी धाम की 11 दान पेटिकाओं से निकले 18.27 लाख रुपये, बैंक खाते में जमापूर्व ग्राम प्रधान चौधरी करतार सिंह, रामपाल सिंह, पोखर सिंह, ब्रह्मपाल सिंह तथा ग्राम प्रधान पति अब्दुल मजीद ने बताया कि बंदरों के कारण महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग बंदरों के हमले की आशंका से घरों की छतों पर जाने से भी कतराने लगे हैं।
वहीं कस्बे के बाजार में भी बंदरों का आतंक कम नहीं है। व्यापार मंडल अध्यक्ष चौधरी चरण सिंह और अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के प्रदेश सचिव डॉ. विकुल मलिक ने बताया कि कस्बे के 200 से अधिक दुकानदार बंदरों के उत्पात से प्रभावित हैं। बंदर दुकानों में घुसकर सामान उठा ले जाते हैं और उसे इधर-उधर फेंककर नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे व्यापारियों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।
ये खबर भी पढ़े : आधार सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, सभी केंद्रों पर गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं हों सुनिश्चित: डीएमव्यापार मंडल अध्यक्ष चौधरी चरण सिंह ने बताया कि इस संबंध में कई बार तहसील प्रशासन और वन विभाग को लिखित एवं मौखिक रूप से शिकायत कर बंदरों को पकड़ने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इससे ग्रामीणों और व्यापारियों में नाराजगी बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि आबादी क्षेत्र में घूम रहे खूंखार बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए, ताकि कस्बावासियों को इस समस्या से राहत मिल सके और लोगों का जनजीवन सामान्य हो सके।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
