एनडीआरएफ ने स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम के जरिए छात्रों को सिखाए आपदा प्रबंधन के गुर
भूकंप,बाढ़,सर्पदंश,आकाशीय बिजली व सड़क सुरक्षा पर दी व्यवहारिक जानकारी, आपदा से निपटने के उपाय बताए
ललित वर्मा
लखीमपुर-खीरी,09 जुलाई (तरुणमित्र)। आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से गुरुवार को 11वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्र, लखनऊ की टीम ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), लखीमपुर-खीरी के सहयोग से पलिया कलां स्थित कंपोजिट स्कूल देवीपुर में संयुक्त रूप से स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम का संचालन एनडीआरएफ टीम कमांडर सभाजीत यादव के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान उपनिरीक्षक अनिल सिंह कुशवाहा एवं एनडीआरएफ की टीम ने विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
ये खबर भी पढ़े : कोर्ट के आदेश पर बड़ा एक्शन: तत्कालीन थाना प्रभारी, एसआई समेत 8 पर FIR, पुलिस महकमे में मचा हड़कंपएनडीआरएफ टीम ने भूकंप, बाढ़, सड़क दुर्घटनाओं, आकाशीय बिजली (लाइटनिंग) तथा सर्पदंश जैसी आपदाओं के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों और सुरक्षा उपायों की जानकारी देते हुए बताया कि आपदा से पहले किस प्रकार तैयारी करनी चाहिए, आपदा के समय घबराने के बजाय क्या कदम उठाने चाहिए तथा आपदा के बाद राहत एवं पुनर्वास की प्रक्रिया किस प्रकार संचालित होती है। साथ ही शासन द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले राहत एवं मुआवजा प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान कराया। विद्यालय स्टाफ ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ विपरीत परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करते हैं।
एनडीआरएफ अधिकारियों ने कहा कि विद्यालयों में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों और शिक्षकों को आपदा के प्रति सजग एवं आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जनहानि और नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।
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पिछले एक दशक से पत्रकारिता में सक्रिय विजय पाल खबरों की तेज़ समझ और ज़मीनी पकड़ के लिए जाने जाते हैं। रिपोर्टिंग और समाचार लेखन के क्षेत्र में उन्होंने निरंतर काम किया है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं।
