लखीमपुर-खीरी,09 जुलाई(तरुणमित्र)। जनपद में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह द्वारा हाल ही में संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ करते हुए दिमागी बुखार समेत संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। लेकिन शहर के थरबरनगंज मोहल्ले में नगर पालिका परिषद की कथित लापरवाही इन प्रयासों पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मोहल्ले में पिछले कई दिनों से नाले का निर्माण कार्य पूरी तरह बंद पड़ा है।
निर्माणाधीन नाला खुला होने के कारण उसमें गंदा पानी जमा है, जिससे बड़ी संख्या में मच्छर पनप रहे हैं। बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है। लोगों का कहना है कि दिन-रात बदबू, गंदगी और कीड़े-मकोड़ों के कारण उनका घरों में रहना मुश्किल हो गया है।
कुछ परिवारों के अस्थायी रूप से दूसरी जगह चले जाने की भी बात सामने आई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार,गंदगी और जलभराव मच्छरों के प्रजनन का प्रमुख कारण हैं। ऐसे हालात में डेंगू,मलेरिया और दिमागी बुखार जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग की ओर से निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराने या प्रभावी साफ-सफाई की दिशा में कोई ठोस कदम नजर नहीं आ रहा है।
चिंता की बात यह भी है कि निर्माणाधीन यह नाला जिला कारागार की सुरक्षा दीवार से सटा हुआ है। बरसात के बीच अधूरा छोड़ा गया निर्माण और लगातार जलभराव की स्थिति अब केवल जनस्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि कारागार की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया तो यह मामला और गंभीर रूप ले सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जिला प्रशासन संचारी रोगों पर नियंत्रण के लिए अभियान चला रहा है,तब शहर के बीचों-बीच खुला पड़ा यह नाला आखिर किसकी जिम्मेदारी है? क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़ी बीमारी या किसी अप्रिय घटना का इंतजार कर रहा है?
मोहल्लेवासियों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर बंद पड़े नाला निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू कराया जाए,क्षेत्र में साफ-सफाई और मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराया जाए तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या का समाधान कब तक करता है।