लखीमपुर-खीरी/कतरनियाघाट,08 जुलाई(तरुणमित्र)। भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा में तैनात 70वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) लखीमपुर-खीरी-II ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह केवल सीमाओं की रक्षा ही नहीं,बल्कि सीमांत क्षेत्रों के लोगों की सेवा के लिए भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। वाहिनी की 'बी' समवाय द्वारा कतरनियाघाट के सीमावर्ती गांव में आयोजित निःशुल्क मानव चिकित्सा शिविर में अत्याधिक ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक दवाइयां एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया।
चिकित्सा शिविर का आयोजन वाहिनी के चिकित्सक डॉ. दिनेश कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी (चिकित्सा) के निर्देशन में किया गया। शिविर का उद्देश्य दूरदराज के सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना तथा जरूरतमंद परिवारों को उनके घर के समीप ही विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना था।
शिविर में पहुंचे बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों की ब्लड प्रेशर, शुगर और शारीरिक तापमान सहित आवश्यक स्वास्थ्य जांच की गई। साथ ही चिकित्सकों ने मानसून के दौरान फैलने वाली मौसमी एवं संक्रामक बीमारियों से बचाव के उपाय बताते हुए लोगों को स्वच्छता, संतुलित आहार और समय पर उपचार के प्रति जागरूक किया।
स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत सभी जरूरतमंद मरीजों को एसएसबी की ओर से निःशुल्क आवश्यक एवं जीवनरक्षक दवाइयों का वितरण किया गया। चिकित्सा शिविर का लाभ उठाने पहुंचे ग्रामीणों ने इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि सीमांत क्षेत्रों में इस प्रकार के शिविर ग्रामीणों के लिए बेहद राहतभरे साबित हो रहे हैं।
स्थानीय ग्राम प्रधान एवं गणमान्य नागरिकों ने एसएसबी के इस जनसेवा अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि सुरक्षा बल केवल देश की सीमाओं की रक्षा ही नहीं कर रहा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सरोकारों के माध्यम से भी लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर आयोजित ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों से सुरक्षा बलों और स्थानीय नागरिकों के बीच विश्वास, सहयोग और आत्मीय संबंध और अधिक मजबूत हो रहे हैं।
सीमांत क्षेत्र में आयोजित यह चिकित्सा शिविर एसएसबी के 'सेवा, सुरक्षा और सद्भाव' के संकल्प का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया, जिसकी ग्रामीणों ने दिल खोलकर सराहना की।