सीएम योगी का विजन हो रहा साकार, 356 साल पुराने कोटवा धाम का होगा पर्यटन विकास
प्रदेश सरकार राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) में पर्यटन विकास को दे रही गति, आगंतुकों की सुविधाओं को प्राथमिकता
मनोज शर्मा
- समर्थ साहेब बाबा जगजीवनदास मंदिर बनने जा रहा नया धार्मिक पर्यटन केंद्र
- सतनाम पंथ की तपोस्थली को मिलने जा रहा नया स्वरूप, विभिन्न जनपदों सहित अन्य प्रांतों से भी आते हैं आस्थावान
- उत्तर प्रदेश सरकार अल्पज्ञात धार्मिक स्थलों को दे रहा विशिष्ट पहचान, पर्यटन मानचित्र पर चमकेगा कोटवा धाम
- सतनाम पंथ की आस्था और विरासत संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है सरकार: जयवीर सिंह
बाराबंकी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश सरकार राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) में नए पर्यटन केंद्र विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी जनपद के कोटवा धाम स्थित जगजीवनदास मंदिर को नया पर्यटन स्वरूप देने की योजना है।
मुख्यमंत्री पर्यटन विकास परियोजना के तहत 202.51 लाख रुपए की लागत से यहां पर्यटन विकास कार्य कराए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य सतनाम पंथ से जुड़े आस्था स्थल को विशिष्ट पहचान दिलाते हुए श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'समर्थ साहेब बाबा जगजीवन दास जी ने सतनाम पंथ की स्थापना की थी। यह पंथ सत्य की उपासना, मानवीय समानता और सामाजिक सद्भाव का संदेश देता है। इसकी मूल भावना आडंबरों और भेदभाव से परे है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार सभी धर्मों, पंथों और समुदायों की आस्था का सम्मान करते हुए धार्मिक स्थलों का पर्यटन विकास करा रही है। इसी क्रम में राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर तहसील स्थित कोटवा धाम में जगजीवन दास मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 150 लाख रुपए की राशि जारी की गई है।'
पर्यटन विकास के अंतर्गत होंगे व्यापक कार्य
मुख्यमंत्री पर्यटन विकास परियोजना के तहत श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके अंतर्गत 60.51 लाख रुपए की लागत से यात्री निवास, 13.07 लाख रुपये से शौचालय ब्लॉक तथा 36.13 लाख रुपए से चेंजिंग रूम (वस्त्र परिवर्तन कक्ष) का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त भव्य प्रवेश द्वार, म्यूरल वॉल, सजावटी स्तंभ, पेयजल व्यवस्था, मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, यात्री सुविधाओं का विस्तार, डेकोरेटेड फ्री-स्टैंडिंग वॉल तथा पेवर ब्लॉक निर्माण जैसे कार्य भी किए जाएंगे।
प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों में शामिल कोटवा धाम
बाराबंकी जनपद की सिरौलीगौसपुर तहसील स्थित कोटवा धाम में बाबा जगजीवन दास जी का लगभग 356 वर्ष पुराना मंदिर एवं समाधि स्थल स्थित है। यह सतनाम पंथ की प्रमुख तपोस्थली के रूप में प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले मेले में प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
जन्मोत्सव पर उमड़ती है प्रदेशभर से श्रद्धालुओं की आस्था
माघ शुक्ल पक्ष की सप्तमी को समर्थ साहेब बाबा जगजीवन दास जी का जन्मोत्सव श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर बाराबंकी, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, सुल्तानपुर, अमेठी, अयोध्या, रायबरेली, लखनऊ, उन्नाव, कानपुर सहित प्रदेश के अनेक जनपदों तथा अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कोटवा धाम पहुंचते हैं।
हर धर्म, पंथ, समुदाय से जुड़ी आस्था का सम्मान- मंत्री
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन का अग्रणी केंद्र बनकर उभर रहा है। पर्यटन नीति को ध्यान में रखते हुए राज्य राजधानी क्षेत्र अंतर्गत धार्मिक एवं पर्यटन महत्व वाले स्थलों का विकास किया जा रहा है। वर्ष 2025 में बाराबंकी में 57.34 लाख से अधिक पर्यटकों का आगमन जनपद की बढ़ती पर्यटन संभावनाओं का प्रमाण है।
सतनामी संप्रदाय के प्रमुख स्थल कोटवा धाम के पर्यटन विकास से श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्राप्त होगी।'
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन पर्यटन विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के समन्वय से परियोजना के कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
कोटवा धाम के पर्यटन विकास से श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे यहां आने वाले आगंतुकों का अनुभव अधिक सुविधाजनक एवं सुगम होगा। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा, रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्राप्त होगी।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
