उच्च न्यायालय के निर्देश पर जिला न्यायालय परिसर में वृहद वृक्षारोपण
जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल ने लगाया रुद्राक्ष व बरगद का पौधा
- नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील
बिजनौर। उच्च न्यायालय इलाहाबाद के निर्देशानुसार 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान एवं वृक्षारोपण महायज्ञ -2026 के अंतर्गत रविवार को जिला न्यायालय परिसर में वृहद् वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल ने रुद्राक्ष एवं बरगद के पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर जस्टिस देशवाल ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन का आधार हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी नियमित देखभाल करने तथा प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए हमारी जिम्मेदारी है।
जनपद न्यायाधीश संजय कुमार सप्तम ने सिंदूर का पौधा रोपित कर अभियान को आगे बढ़ाया। इसके साथ ही न्यायालय के सभी न्यायिक अधिकारियों ने भी विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम में एडीजे प्रथम प्रशांत मित्तल, अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय संजय कुमार सिंह, अपर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो लोकेश नागर, अपर जनपद न्यायाधीश कमल दीप एवं शहजाद अली, सिविल जज सीनियर डिवीजन नीतेश सिन्हा, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम नरेंद्र कुमार, अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन शांतनु त्यागी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव स्वाति चंद्रा, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय आशीष थिरानिया, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन मयंक सिंह, सिविल जज जूनियर डिवीजन (एफटीसी) विशाल शर्मा, चीफ डिफेंस काउंसिल प्रवीण देशवाल, वन विभाग के अधिकारी, वन दरोगा तथा न्यायालय के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी ने पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
