साइबर फ्रॉड गिरोह के 5 अंतर्राज्यीय अभियुक्तों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
3.20 करोड़ की धनराशि को कराई गई फ्रीज
- कब्जे से 6 अदद मोबाइल, 15 आधार कार्ड ,10 सिम कार्ड,8 अदद मोहर, 2 अदद दो पहिया वाहन व विभिन्न फर्मों के फर्जी दस्तावेज सहित अन्य सामाग्री बरामद
गोंडा। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में रविवार को आयोजित प्रेसवार्ता दौरान पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 द्वारा चलाये जा रहे प्रदेश व्यापी अभियान 'Cy-Vazra के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक गोंडा यानी मेरे द्वारा जनपद में साइबर अपराध से सम्बन्धित घटनाओं के विरुद्ध कार्यवाही किये जाने हेतु दिये गये निर्देशों के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजीत कुमार रजक व क्षेत्राधिकारी नगर योगेन्द्र सिंह के पर्यवेक्षण में थाना कोतवाली देहात पर पंजीकृत 1. मु0अ0सं0 686/2026 धारा 319(2)/318(4)/338/336(3)/340(2) बीएनएस व 66C/66D आईटी एक्ट व 2. मु0अ0सं0 687/2026 धारा 319(2)/318(4) /338/ 336(3)/340(2)/351(3) बीएनएस व 66C/66D आईटी एक्ट से सम्बन्धित 5 साइबर अपराधी अभियुक्तों क्रांसिंग बहराइच रोड़ से गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 6 अदद मोबाइल फोन, 15 अदद आधार कार्ड, 10 अदद सिम कार्ड, 8 अदद मोहर, 2 अदद पैन कार्ड, 1 अदद डेविट कार्ड, 2 अदद डेविट कार्ड, 1 अदद मेमोरी कार्ड व 1 मोटरसाइकिल, 1 स्कूटी बरामद किया गया।
इस दौरान जायसवाल ने बताया वादी वीरेन्द्र प्रताप पुत्र राधेश्याम पाण्डेय निवासी ग्राम सिसई टिकरिया, पोस्ट विसुनपुर वैरिया, थाना कोतवाली देहात, जनपद गोण्डा द्वारा थाना कोतवाली देहात पर लिखित तहरीर दिया गया था कि विपक्षीगण द्वारा उन्हें सोलर कम्पनी में नौकरी दिलाने तथा ₹15,000 प्रतिमाह वेतन दिलाने का झांसा देकर यू.पी. ग्रामीण बैंक में सैलरी/ करेंट अकाउंट खुलवाया।
विपक्षीयों द्वारा उनके मोबाइल नंबर के स्थान पर कोई दूसरा मोबाइल नंबर बैंक खाते में दर्ज करा लिया तथा इंटरनेट बैंकिंग की यूजर आईडी एवं पासवर्ड भी अपने कब्जे में ले लिया गया। इसके पश्चात वादी के नाम से संचालित उक्त खाते के माध्यम से करोड़ों के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन किए गए तथा धनराशि को नेट बैंकिंग के माध्यम से विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर दिया गया। विपक्षीयों द्वारा वादी को गुमराह कर उनके नाम से फर्जी उद्यम पंजीकरण एवं जीएसटी नंबर भी प्राप्त कर लिया गया था। वादी के तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था।
घटना के शीघ्र एवं सफल अनावरण हेतु अपर पुलिस अधीक्षक गोण्डा पूर्वी अजीत कुमार रजक के निकट पर्यवेक्षण में तथा क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में साइबर सेल सहित कई टीमों का गठन कर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली देहात को घटना का शीघ्र अनावरण करने एवं अभियुक्त की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। जिसके क्रम में आज रविवार को थाना कोतवाली देहात व साइबर सेल की संयुक्त टीम द्वारा घटना में संलिप्त अभियुक्तों दीपक गोयल पुत्र स्व0 नरेन्द्र गोयल निवासी आवास विकाश थाना कोतवाली नगर जनपद गोण्डा, विजय सोनी पुत्र स्व0 रामचन्द्र सोनी निवासी रानीबाजार थाना कोतवाली नगर जिला गोण्डा, देवनरायन मिश्रा पुत्र वाल्मीकी मिश्रा निवासी महदेईय चकसड़ थाना कोतवाली नगर गोण्डा, गंगोत्री पाण्डेय पुत्र रामफूल पाण्डेय निवासी भमैचा सिसवरिया थाना मोतीगंज गोण्डा,शहबान आलम उर्फ सोनू पुत्र पीर मोहम्मद निवासी, साहबगंज थाना कोतवाली नगर जिला गोण्डा को खिरौरा मोहन क्रांसिंग गिरफ्तार अभियुक्त के विरूद्ध थाना कोतवाली देहात पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।
साथ ही श्री जायसवाल ने बताया अभियुक्तों से पूछताछ में ज्ञात हुआ कि वे एक संगठित साइबर अपराध गिरोह के सदस्य हैं। जिनके द्वारा बेरोजगार, जरूरतमंद एवं भोले-भाले लोगों को सोलर कम्पनी में नौकरी दिलाने तथा अच्छा वेतन देने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाते थे। इसके उपरांत वे पीड़ितों के नाम पर उद्यम (Udyam) पंजीकरण एवं जीएसटी पंजीकरण कराकर सैलरी खाते के नाम पर बैंक में करंट अकाउंट खुलवाते थे।
अभियुक्त करंट खाते में पंजीकृत मोबाइल नंबर के स्थान पर अपना अथवा फर्जी तरीके से प्राप्त मोबाइल नंबर दर्ज कराते थे तथा इंटरनेट बैंकिंग का पूर्ण एक्सेस अपने कब्जे में ले लेते थे। इसके बाद देश के विभिन्न राज्यों में इन्वेस्टमेंट फ्रॉड,डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन एवं अन्य साइबर अपराधों से प्राप्त अवैध धनराशि को इन खातों के माध्यम से ट्रांसफर कराकर उन्हें 'म्यूल अकाउंट' (Mule Accounts) के रूप में उपयोग करते थे तथा इस अवैध लेन-देन के बदले आर्थिक लाभ अर्जित करते थे।
इनके पास से बरामद कागजाद से अब तक 20 से ज्यादा म्यूल अकांउट की जानकारी मिली है जिसमें लगभग 21 करोड से अधिक की धनराशी का लेनदेन इन खातों में किया गया है। इन खातों के विरूद्ध एनसीआरपी पोर्टल पर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, तमिलनाडु, लद्दाख, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, कर्नाटक व तेलंगाना सहित कई राज्यें में अब तक 43 शिकायते प्राप्त हुई है जिसमें लगभग 3.20 करोड़ रुपए की धनराशि विभिन्न खातों में होल्ड कराया जा चुका है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
