कर्बला महज़ एक तारीखी वाक़िआ नहीं,बल्कि हर दौर के इंसान के लिए एक पैग़ाम है:मौलाना ज़ैग़म अली
इमामबरगाह मिर्ज़ा मोहम्मद ज़फर बेग में मुनक़्क़ीद हुई सातवीं मुहर्रम उल हराम के अशरे की मजलिस
मुजाहिद खां
रामपुर:सातवीं मोहर्रम उल हराम अशरे की मजलिस ख़्वानवादा ए (मरहूम मोहम्मद मुजतबा आब्दी साहब) की जानिब से इमामबरगाह मिर्ज़ा मोहम्मद ज़फर बेग (वक़्फ) मोहल्ला लाल क़बर में मुनक़्क़ीद हुई।
सातवीं मुहर्रम उल हराम के अशरे की मजलिस को ख़िताब फरमाते हुए मौलाना ज़ैग़म अली साहब ने फरमाया कि हमारे नबी और उनके नवासे इमाम हुसैन की सीरत को अपनी ज़िंदगी में उतारें और दुनिया को बतायें की उन्होंने समाज में फैली हुई नफरत हिंसा बुराई के ख़िलाफ क्यों अपनी आवाज़ बुलंद की और दुनिया को झंझोड़ कर बताया कि ज़ुल्म और बुराई के ख़िलाफ हमेशा खड़े रहो भले ही तुम अकेले ही क्यों न हो।हम कहते हैं समाज गंदा है,कि हक़ की ख़ातिर मुश्किलें क्यों मोल लें?अपने आराम,अपने मुफाद और अपने मुस्तक़बिल को ख़तरे में क्यों डालें?लेकिन ज़रा सोचिए।
अगर कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन ने भी यही सोच अपनाई होती,अगर उन्होंने भी ख़ामोशी का रास्ता चुन लिया होता,तो क्या आज हक़ और बातिल के दरमियान फर्क़ बाक़ी रहता?क्या इस्लाम अपनी असल रूह के साथ हमारी ज़िंदगी में मौजूद होता?हमें सोचना होगा बुराई के ख़िलाफ खड़े होना ही असल आज़ादारी है भले ही मुहर्रम का महीना हो या न हो यही हमारे नबी और उनके नवासे इमाम ए हुसैन को असली श्रद्धांजलि साबित होगी।
कर्बला महज़ एक तारीखी वाक़िआ नहीं,बल्कि हर दौर के इंसान के लिए एक पैग़ाम है कि जब हक़ और बातिल आमने-सामने हों तो ख़ामोशी भी एक इंतिख़ाब होती है,और अक्सर यह इंतिख़ाब बातिल के हक़ में चला जाता है।हुसैनी होना सिर्फ़ मोहब्बत का दावा नहीं,बल्कि हक़ के लिए खड़े होने,ज़ुल्म के सामने सर न झुकाने और हर क़ीमत पर इंसाफ़ का साथ देने का नाम है।
मजलिस का आग़ाज़ मिर्ज़ा तक़ी बेग ने सोज़ख़वानी से किया और फ़र्शे अज़ा पर बैठे अज़ादारों ने वाक़या ए करबला सुन कर अपनी आँखों को नम किया।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
