कानपुर काकादेव की कोचिंगों पर कसा शिकंजा, बिना पंजीकरण संचालित 14 संस्थानों को नोटिस
कानपुर । लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग संस्थान में हु ए अग्निकांड के बाद कानपुर में भी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा और वैधानिक व्यवस्थाओं की जांच तेज कर दी गई है। इसी क्रम में बुधवार काे क्षेत्रीय उच्च शिक्षा विभाग ने शहर के प्रमुख कोचिंग हब काकादेव में अभियान चलाकर बिना पंजीकरण संचालित 14 कोचिंग संस्थानों को चिह्नित किया है। जांच के बाद संबंधित संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई केडीए और अग्निशमन विभाग की जांच के समानांतर की गई है, जिससे कोचिंग संचालकों में हलचल बढ़ गई है।
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा विभाग की टीम ने काकादेव क्षेत्र में विभिन्न कोचिंग संस्थानों का सत्यापन किया। जांच के दौरान कई संस्थान ऐसे मिले जो निर्धारित नियमों के तहत पंजीकरण कराए बिना संचालित हो रहे थे। विभाग ने ऐसे 14 संस्थानों को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इन संस्थानों पर की गई कार्रवाई
आर एस इंस्टिट्यूट, अमित पांडेय क्लासेज, कालरा शुक्ला क्लासेज, ओम कॅरिअर इंस्टीट्यूट, श्रवण कटियार फिजिक्स क्लासेज, कॅरिअर क्रेव, एजुकेशन सेंटर, न्यू स्पीड इंस्टीट्यूट, फिजिक्स मतलब केडी सिंह, स्कॉलर अकादमी, सिग्मा इंस्टीट्यूट, शीनिल अकादमी, फिजिक्स मंत्रा इंस्टीट्यूट और फ़िज़िक्सवाला लिमिटेड शामिल है।
अधिकारियों के अनुसार शहर में काकादेव, कल्याणपुर, बर्रा, लाल बंगला समेत विभिन्न क्षेत्रों में एक हजार से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित होने का अनुमान है। इसके विपरीत विभागीय अभिलेखों में केवल 35 कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण सक्रिय है। वहीं करीब 200 संस्थानों ने निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद अपने पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं कराया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई संस्थान 10 या उससे अधिक विद्यार्थियों को कोचिंग प्रदान कर रहा है तो उसका पंजीकरण कराना अनिवार्य है। पंजीकरण के लिए क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आवेदन करना होता है। इसके साथ अग्निशमन विभाग और केडीए की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) भी आवश्यक होती है। छात्र संख्या बढ़ने पर निर्धारित शुल्क भी उसी अनुपात में बढ़ता है।
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश ने बताया कि विभाग द्वारा गठित टीम ने काकादेव क्षेत्र में अभियान चलाकर बिना पंजीकरण संचालित संस्थानों की पहचान की है। उन्होंने कहा कि विभाग सीधे दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर सकता, लेकिन संबंधित मामलों को जिला प्रशासन, केडीए और अग्निशमन विभाग के समक्ष भेजा जा सकता है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नोटिस, जुर्माना और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और कोचिंग संस्थानों में मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासनिक एजेंसियां संयुक्त रूप से विभिन्न क्षेत्रों में संचालित कोचिंग संस्थानों की जांच कर रही हैं।
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लेखक के बारे में
सुधा जायसवाल ने मास कम्युनिकेशन एवं पत्रकारिता (MJMC) में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की है और पत्रकारिता क्षेत्र में 12 वर्षों से सक्रिय हैं। वह अमर उजाला, स्वतंत्र भारत, जनसंदेश टाइम्स और तरुण मित्र जैसे संस्थानों में कार्य कर चुकी हैं। राजनीतिक, शिक्षा और नगर निगम सहित विभिन्न बीट्स पर रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाली सुधा वर्तमान में तरुण मित्र के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी हुई हैं।
