सीनियर बेसिक शिक्षक संघ की बैठक में गंूजा शिक्षक समस्याओं का मुद्दा
बस्ती - रविवार को प्रेस क्लब सभागार में उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ की बैठक जिलाध्यक्ष ओंकार सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में वर्ष 2006 में अनुदानित विद्यालयों में कार्यरत, एवं सेवानिवृत्त शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल किये जाने, टेट की अनिवार्यता समाप्त कराये जाने के साथ ही स्थानीय शिक्षक समस्याओं के निराकरण कराये जाने पर विचार किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में बैठक को सम्बोधित करते हुये संघ के प्रदेश संयुक्त मंत्री वागीश दत्त पाण्डेय ने कहा कि अनुदानित विद्यालयों के शिक्षक घोर उपेक्षा के शिकार है और उन्हें अपना अधिकार तक नहीं मिल पा रहा है। संघ की मांगों को सरकार लगातार अनसुनी कर रही है ऐसे में एकजुटता और संघर्ष से ही समस्स्याओं का हल निकलेगा। उन्होने एकजुट होकर मांगों के समर्थन में संघर्ष करने पर जोर दिया। जिलाध्यक्ष ओंकार सिंह ने कहा कि संघ द्वारा निरन्तर शिक्षक समस्याओं के समाधान के लिये संघर्ष जारी है। निश्चित रूप से सकारात्मक परिणाम सामने आयेंगें। कहा कि टेट प्रकरण पर सरकार की उदासीनता दुर्भाग्यपूर्ण है। शिक्षकों को अपने अधिकारों के लिये सजग रहना होगा।
बैठक में वीरेन्द्र कुमार मिश्र, लखपत सिंह, उदयभान सिंह, विजय सिंह, धर्मराज चौधरी, चिन्तामणि, मान सिंह, देवंन्द्र कुमार शुक्ल, फूलचन्द चौधरी, मनोज यादव आदि ने सम्बोधित करते हुये बिन्दुवार शिक्षक समस्याओं को रखा और जोर दिया कि अधिकार के लिये संघर्ष तेज करते हुये सरकार पर नीतिगत दबाव बनाया जाय। संचालन करते हुये डॉ. राजेन्द्र सिंह ने शिक्षकों की समस्याओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ की बैठक में मुख्य रूप से देवेन्द्र कुमार शुक्ल, भानु प्रताप शुक्ल, रामनरेश, राममूर्ति वर्मा, परशुराम निषाद, विजय बहादुर सिंह,रामकरन पाल, अजय कुमार सिंह, रघुपति वर्मा, शैलेन्द्र कुमार, रामतौल वर्मा, राजकुमार, राम सोहरत, इन्द्रजीत, बलिराम उपाध्याय, रामनरायन आर्य, सीताराम, ओम प्रकाश द्विवेदी, चन्द्रमणि त्रिपाठी, अखिलेश सिंह, इन्द्रदेव प्रसाद दूबे, विजय कुमार, मेवालाल आदि उपस्थित रहे।
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पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले सर्वेश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में ‘तरुणमित्र’ के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज उनके काम की पहचान है।
