सोनभद्र में दुष्कर्म मामले में दाे अभियुक्तों को आजीवन कारावास, अर्थदंड भी लगा
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश में लगभग 9 वर्ष पूर्व ओझाई करने के लिए महिला को एकांत में ले जाकर जबरन दुष्कर्म किए जाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/सीएडब्लू , सोनभद्र बिपिन कुमार तृतीय की अदालत ने सोमवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी ओझा जगदेव शर्मा उर्फ जयदेव शर्मा व सहयोगी लालू शर्मा उर्फ जनार्दन शर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि वाराणसी जिला अंतर्गत चौबेपुर थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता ने 27 अप्रैल 2017 को रॉबर्ट्सगंज थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि वह शादीशुदा है और दो बच्चों की मां है। उसके पति नाई की दुकान है। तीन- चार दिन पहले वह अपने मायके चंदौली जिले में आई है। कुछ दिनों से वह बीमार चल रही है। 26 अप्रैल 2017 को उसका भाई ओझा जगदेव शर्मा उर्फ जयदेव शर्मा पुत्र प्यारेलाल निवासी झपरी, थाना रॉबर्ट्सगंज, जिला सोनभद्र के यहां लालू शर्मा उर्फ जनार्दन शर्मा पुत्र अमरनाथ शर्मा निवासी दाऊदपुर, थाना चकिया, जिला चंदौली के साथ ले गए थे। ओझा जगदेव शर्मा उसे देखा तो धार दिलाने के लिए उसे अकेले में रात करीब 11 बजे सुनसान जगह पर लेकर गया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। किसी से बताने पर जान मारने की धमकी भी दिया। इस तहरीर पर रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने जगदेव शर्मा व सहयोगी लालू शर्मा के विरुद्ध कोर्ट में दुष्कर्म, जान मारने की धमकी व आपराधिक षडयंत्र में चार्जशीट दाखिल किया था।
ये खबर भी पढ़े : केंद्र में शीर्ष जिम्मेदारियों का रास्ता साफ: यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण समेत कई आईपीएस अधिकारी डीजी स्तर पर इम्पैनलमामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, 9 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दुष्कर्म के दोषी जगदेव शर्मा व लालू शर्मा को आजीवन कारावास एवं प्रत्येक पर एक लाख 500 रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 6-6 माह की अतिरिक्त कठोर कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी। वही अर्थदंड की धनराशि में से आधी धनराशि पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बहस की।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
