छात्रों पर लाठीचार्ज से लेकर खाद की कालाबाजारी तक… फतेहपुर में गूंजा ‘हल्लाबोल’
समीर यादव के नेतृत्व में किसानों, छात्रों और नागरिकों का प्रदर्शन; राष्ट्रपति को भेजा 20 सूत्रीय ज्ञापन
मनोज शर्मा
- शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, जंतर-मंतर लाठीचार्ज की न्यायिक जांच और फतेहपुर की 12 जनसमस्याओं के तत्काल समाधान की मांग
बाराबंकी। छात्रों पर लाठीचार्ज, पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितताओं, किसानों को खाद की किल्लत, अवैध खनन, जर्जर सड़कों और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के खिलाफ फतेहपुर में किसानों, छात्रों और स्थानीय नागरिकों ने जोरदार ‘हल्लाबोल प्रदर्शन’ किया।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के मंडल अध्यक्ष समीर यादव के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी फतेहपुर के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपकर केंद्र और प्रदेश सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि देश में लगातार पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर 21 जुलाई को हुए कथित लाठीचार्ज की न्यायिक जांच की मांग करते हुए दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी उठाई।
‘परीक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़’
ज्ञापन में कहा गया है कि नीट सीयूईटी और एस एस सी समेत राष्ट्रीय परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की समयबद्ध सीबीआई जांच कराने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और लापरवाही का सबसे बड़ा खामियाजा देश के छात्र और उनके परिवार भुगत रहे हैं। परीक्षा अनियमितताओं से प्रभावित होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग भी उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सरकार को घेरते हुए सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर, दवाओं और बेड की कमी दूर करने तथा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकारी खर्च बढ़ाने की मांग की। पर्यावरणविद् एवं शिक्षाविद् सोनम वांगचुक की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
खाद की कालाबाजारी पर कार्रवाई की मांग
भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते का विरोध करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अमेरिकी कृषि उत्पादों का शुल्क-मुक्त आयात भारतीय किसानों के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकता है। उन्होंने समझौते पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
किसानों को यूरिया और डीएपी समय से उपलब्ध नहीं होने तथा कथित कालाबाजारी को लेकर भी प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को घेरा। उन्होंने सब्सिडी दर पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने, जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने, दोषी डीलरों के लाइसेंस रद्द करने और खाद वितरण की ऑनलाइन निगरानी की मांग की।
फतेहपुर की सड़कों, पानी और सरकारी योजनाओं का भी उठा मुद्दा
ज्ञापन में फतेहपुर तहसील क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। शेखपुर-नंदना संपर्क मार्ग की जर्जर हालत, शेखपुर समेसी मोड़ पर जलभराव,फतेहपुर-बाबाकुटी मार्ग पर सड़क तक फैली झाड़ियों, बिलौली महाराज से डुडवा गांव तक खराब हैंडपंप और संगम चौराहे से पड़री संपर्क मार्ग के पुनर्निर्माण की मांग की गई।
जल जीवन मिशन के कार्यों में कथित घटिया सामग्री और पाइपलाइन लीकेज की शिकायतों की थर्ड पार्टी जांच कराने तथा तहसील क्षेत्र में कथित अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी प्रदर्शनकारियों ने की।
निजी स्कूलों और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी गंभीर सवाल
प्रदर्शनकारियों ने निजी विद्यालयों में कथित मनमानी फीस वसूली और किताबों की कालाबाजारी की जांच कराने की मांग की। साथ ही फतेहपुर के कुछ निजी अस्पतालों और चिकित्सकों के संबंध में लगाए गए गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई।
‘15 दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन होगा तेज’
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जनसमस्याओं का 15 दिन के भीतर समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इस दौरान समीर यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान, छात्र और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि “जब छात्रों के सवालों का जवाब लाठियों से दिया जाएगा, किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ेगा और मरीजों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा, तब जनता की आवाज सड़क पर जरूर उठेगी।” कार्यक्रम के दौरान बागी अनूप सिंह, अनुरुद्ध वर्मा,अंश वर्मा,शिवम वर्मा, अगम वर्मा , अनिल यादव राजकुमार यादव बबलू प्रमोद यादव अहाद मियां, सोनू खान अंकुल यादव भोला सिंह यादव अजमेरी आदि सम्मिलित हुए।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
