जिंदगी से खिलवाड़, मरीज को थमाई एक्सपायरी डेट की दवाई
—छावनी परिषद के सार्वजनिक चिकित्सालय का मामला
—एमओ नें कहा दवाई मामले पर गहनता से कराएंगे जांच
लखनऊ। जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का एक मामला छावनी परिषद के सार्वजनिक चिकित्सालय से आया है। यहां एक्सपायरी डेट की दवाइयां धड़ल्ले से परोसी जा रही हैं। मंगलवार को कैंटोनमेंट छावनी परिषद के सार्वजनिक चिकित्सालय में दवा एक्सपायरी डेट होने के बावजूद भी चिकित्सालय के मेडिकल स्टोर में एक्सपायरी दवाओं को दवा कंपनी को वापस नहीं भेजा गया और न ही चिकित्सालय प्रबंधन नें आवश्यक समझा कि इन दवाओं को नष्ट किया जाए। पीड़ितों नें इस बारे में चिकित्सालय के जिम्मेदार लोगों को बताया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। पूरे मामले पर लीपापोती कर दी जाती है। बच्चे को दिखाने आये एक पीड़ित नें बताया कि वह अपने बच्चे को दिखाने आए थे। डाक्टर नें दवाइयां लिखी तो वह पर्चा लेकर दवा काउंटर पहुंचे जहां एक्सपायरी डेट की दवाइयां दे दी।
इसी तरह से ड्रेसिंग स्टोर में भी घाव सुखाने का पाउडर भी एक्सपायरी डेट का मौजूद मिला। मौजूद तीमारदारों के साथ समाजसेवी ईशा यादव नें चिकित्सालय परिसर की खामियों पर बताया कि यहां समय से न तो डाक्टर मिलते हैं और न ही मरीजों को दवाइयां ही उपलब्ध हो पाती हैं। उन्होंने एक्सपायरी डेट की दवाइयां भी दिखाई जो वहीं के स्टोर से परोसी गई थी। ईशा नें बताया कि मरीजों के जीवन से यहां आय दिन खिलवाड़ होता है। इस प्रकार की गंभीर समस्या को अस्पताल प्रशासन कतई सुनने को तैयार नहीं है। इस संबंध में ईएमओ सब इंचार्ज डॉक्टर एस सी जोशी नें बताया कि इस प्रकार की कोई शिकायत उनके संज्ञान में नहीं आयी है। लेकिन जब उनको दवाइयों की एक्सपायरी डेट की फोटो और पर्चा दिखाया गया तो उन्होंने जांच कराने की बात की।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
