137 गोरखा रेजिमेंट ने केजीएमयू में किया पौधरोपण
- केजीएमयू में रोपे गये 100 पौधे

लखनऊ। पर्यावरण संरक्षण,जैव विविधता के संवर्धन एवं हरित परिसर के निर्माण के उद्देश्य से किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में पौधरोपण सप्ताह के अंतर्गत केजीएमयू एवं भारतीय सेना की 137 गोरखा रेजिमेंट के समन्वय से पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. डॉ. सोनिया नित्यानंद के नेतृत्व में जिन 100 पौधों का रोपण किया गया उनमें नींबू, अमरूद, इमली, आम, सेम्बल, अर्जुन, जामुन, अशोक, नीम, करंज के साथ ही फूल वाले गुलाब, गुड्डन, चंपा, बोगेनविलिया शामिल थे। इस संयुक्त पहल के सफल समन्वय में मेजर के.एस. नागी, ऑफिसर कमांडिंग, गोमती टास्क फोर्स की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही। डॉ.प्रोमिला वर्मा ने कहा कि पौधरोपण तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक पौधे का नियमित संरक्षण, संवर्धन एवं देखभाल सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार से पौधों की जिम्मेदारी लेने का आह्वान करते हुए कहा कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ एवं हरित वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
केजीएमयू के मीडिया प्रवक्ता डॉ केके सिंह द्वारा जारी विज्ञप्ति में दी गयी जानकारी के अनुसार कार्यक्रम आयोजक मुख्य प्रॉक्टर प्रो आर.ए.एस. कुशवाहा के साथ ही अन्य फैकल्टी ने भी पौधरोपण किया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. ओझा, डॉ. रश्मि कुशवाहा ,डॉ. प्रोमिला वर्मा (सह-प्रभारी, उद्यान समिति) डॉ मनीष वाजपेयी , डा० भास्कर अग्रवाल (सह अधिष्ठाता छात्र कल्याण) केजीएमयू के डिप्टी चीफ सिक्योरिटी आफिसर कर्नल निर्देश साह, (सेवानिवृत्त) सूबेदार महेश्वर सिंह, सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं भारतीय सेना के जवान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अभियान में गोमती टास्क फोर्स के 20 सैनिकों, 30 माली कर्मचारियों व केजीएमयू के सुरक्षाकर्मियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पौधारोपण एवं उसकी समुचित व्यवस्था में सक्रिय योगदान दिया।
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शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
