बीजेपी में बड़ा बदलाव: पहले थे संगठन के चौधरी, अब सरकार में बने भूपेंद्र...!
अगस्त 2022 से दिसंबर 2025 तक रहे यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष
रवि गुप्ता
- 2017 में रहे पंचायती राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार, 2019 में बने कैबिनेट मंत्री पंचायती राज
- अब 2022 योगी सरकार के शासनकाल के आखिरी फेज में हुए मंत्रिमंडल में शामिल
- दिसंबर तक यूपी विधानसभा चुनाव जारी होने की संभावना, कामकाज को सात माह बचे
- चचार्यें तेज, कद के हिसाब से मिलेगा मंत्रालय, पीडब्ल्यूडी व ऊर्जा पर चल रहा मंथन
लखनऊ। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूसरी बार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद जब उनके नवनियुक्त मंत्रियों संग एक सामूहिक फोटो पब्लिक फोरम पर आयी तो एक बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला। बीजेपी के जो प्रदेश दिग्गज राजनेता बीते 2022 से लेकर 2025 के बीच संगठन मुखिया के तौर पर ‘चौधरी’ की तरह सरकार के मुखिया के सामानांतर अपनी सीट शेयर करते थे, वहीं उक्त फोटो में उसी सरकार के मुखिया के पीछे अब नव विस्तारित मंत्रिमंडल का हिस्सा बनते हुए हाथ बांधे दूसरी पंक्ति में अन्य नवनियुक्त मंत्रियों के साथ खड़े दिखायी दिये जैसे देवों के राजा इंद्र के राज दरबार में उनके देवगण पंक्तिबद्ध होकर बैठा करते हैं।
बहरहाल, बीजेपी दल के जानकारों की माने तो चूंकि भूपेंद्र चौधरी ने संगठन प्रमुख का अपना कार्यकाल पूरा किया और उनके इस पद पर रहते योगी लगातार दूसरी बार सूबे में सरकार के मुखिया पद पर काबिज हुए। ऐसे में सत्ता व शासन से लेकर यहां भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर यहचचार्यें काफी तेजी से रही हंै कि चुनावी अधिसूचना के कम समय को ध्यान में रखते हुए उन्हें एक अहम मंत्रालय सौंपा जा सकता है। वहीं यदि मौजूदा परिवेश में योगी सरकार में खाली पड़े कुछ मंत्रालयों पर गौर करें तो सबसे अहम पीडब्ल्यूडी बचा है, जिस पर क्रमवार पहले जितिन प्रसाद कुछ समय तक काबिज रहें तो उससे पहले मौजूदा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का दबदबा रहा।
हालांकि इन दोनों में एक के केंद्र में जाने पर और दूसरे को इससे दूर रखने के बाद से ही पीडब्ल्यूडी अभी तक खुद सीएम योगी के अधीन मंत्रालय है। साथ ही योगी के अधीन अभी आवास व गृह मंत्रालय भी है, तो क्या इनमें से कोइ एक भूपेंद्र चौधरी को दिया जा सकता, इसके भी कयास लगाये जा रहें। वहीं इसी बीच यह भी दबे जुबां वाद संवाद चल रहा कि कहीं न कहीं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद अपने मौजूदा मंत्रालय ग्राम्य विकास आदि से उतने संतुष्ट नहीं और वो अपने पहले वाले अहम मंत्रालय यानी पीडब्ल्यूडी विभाग को वापस लेने के लिये पहले दिल्ली की दौड़ लगा चुके और अभी भी जोर आजमाइश कर रहें।
इसी कड़ी में मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर एक और पहलू सामने आ रहा कि कहीं न कहीं मोदी के विश्वस्त और अब योगी मंत्रिमंडल टीम में नगर विकास और ऊर्जा दो अहम मंत्रालयों को अपने पास रखे एके शर्मा से भी एक मंत्रालय वापस लिया जा सकता है। इसी के साथ प्रबल संभावना जतायी जा रही कि इनमें से कोइ एक मंत्रालय की जिम्मेदारी भूपेंद्र चौधरी को सौंपी जा सकती है।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
