व्यक्ति के आंतरिक भावनाओं को उजागर करता नाटक पार्क
लखनऊ। सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था श्रद्धा मानव सेवा कल्याण समिति, की ओर से भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, नई दिल्ली के रिपेट्री ग्रान्ट वर्ष 2026-27 की प्रथम प्रस्तुति के रूप में आयोजित सुप्रसिद्ध नाट्य रचनाकार मानव कोल की नाट्यकृति पार्क का नाट्य मंचन नगर के वरिष्ठ रंग निर्देशिका अचला बोस परिकल्पना तुषार बाजपेयी शुभम के निर्देशन में स्थानीय अन्तर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में किया गया।
नाटक के कथानक के अनुसार मानव कौल की नाट्य रचना पार्क नाटक की शुरूआत एक साधारण से पार्क में होती है। यहां विभिन्न आयु, स्वभाव और पृष्ठभूमि के लोग आते हैं। कोई सुबह के सैर के लिए आता है तो कोई समय बिताने के लिए, कोई अकेलेपन से बचने के लिए तो कोई अपने भीतर चल रहे द्वन्द से कुछ देर राहत पाने के लिए, पहली दृष्टि में यह सभी पात्र एक दूसरे के लिए अपरिचित लगते हैं, लेकिन जैसे-जैसे संवाद आगे बढ़ते हैं, उनके भीतर छिपे अकेलेपन, असुरक्षा, इच्छाओं और अधूरेपन की परतें खुलने लगती हैं।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
