पीएम एफएमई योजना: उत्तर प्रदेश देश में टाप पर
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन पीएम एफएमई योजना के माध्यम से महिलाओं की उद्यमिता और सहभागिता को और अधिक बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है। साथ ही स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित करने एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं। इसके लिए प्रदेश में स्थापित कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटरों का उपयोग किया जाए।
अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बीएल मीणा ने बताया कि पीएम एफएमई योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश को अब तक कुल 31,335 यूनिट स्थापित करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके सापेक्ष लगभग 27 हजार यूनिटों के लिए ऋण स्वीकृत हो चुका है। इन यूनिटों की औसत लागत लगभग 4 लाख रुपये है। इस योजना के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में प्रदेश में लगभग 16 हजार यूनिट स्थापित की गई हैं। इसके साथ उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। स्टार्टअप आधारित नवीन तकनीक के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने तथा प्रदेश की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रदेश के 14 स्थानों—मेरठ, सहारनपुर, आगरा, बरेली, झांसी, लखनऊ, कौशांबी, गोरखपुर, अयोध्या, बस्ती, वाराणसी, मिजार्पुर, अलीगढ़ तथा कानपुर देहात में कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं।
इन केंद्रों में दुग्ध, बेकरी, पेठा, नमकीन, मस्टर्ड आॅयल, मैंगो, हल्दी, आरटीई, तुलसी एवं अमरूद प्रसंस्करण सहित विभिन्न उत्पादों पर आधारित 46 प्रोसेसिंग लाइनों की स्थापना की गई है। भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश को 9,000 नई यूनिट स्थापित करने का लक्ष्य दिया गया है। इसमें 7 हजार से अधिक आवेदन ऋण स्वीकृति के लिए लंबित हैं।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
