स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर डीएम का सख्त प्रहार, झोलाछाप डॉक्टरों पर चलेगा शिकंजा
बायोमेट्रिक हाजिरी होगी अनिवार्य, संस्थागत प्रसव, आयुष्मान कार्ड और टीकाकरण में तेजी लाने के निर्देश
कौशाम्बी। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि अब लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में उन्होंने झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने, बायोमेट्रिक व्यवस्था को पूरी तरह लागू करने और काम में ढिलाई बरतने वाले कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
उदयन सभागार में हुई बैठक में जिलाधिकारी ने परिवार कल्याण कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों से लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर केवल चिकित्सकों ही नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य स्टाफ की उपस्थिति भी बायोमेट्रिक प्रणाली से दर्ज कराई जाए।
ये खबर भी पढ़े : मानसून सत्र : एमएलए आलमबदी के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने के बाद विधान सभा कल तक स्थगितजननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान सिराथू, सरसवां और कनैली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित प्रभारी चिकित्साधिकारियों को शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। जुलाई माह में हुई शिशु मृत्यु के मामलों की समीक्षा करते हुए कारणों का पता लगाने और प्रभावी सुधारात्मक कदम उठाने को कहा। साथ ही 102 और 108 एम्बुलेंस सेवाओं तथा गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीकरण में भी सुधार लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना के तहत अधिक से अधिक पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने, आभा आईडी तैयार करने और ई-संजीवनी सेवा का विस्तार करने पर विशेष जोर दिया। नियमित टीकाकरण अभियान में छूटे बच्चों का टीकाकरण हर हाल में पूरा करने तथा एचपीवी टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश भी दिए। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए बरसात के मौसम को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने को कहा।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि 10 अगस्त से सिराथू और कनैली सीएचसी में ब्लड स्टोरेज यूनिट शुरू हो जाएगी। इसके अलावा नेवादा, सिराथू और कड़ा क्षेत्र में आरबीएसके टीम पोर्टेबल एक्स-रे मशीन से घर-घर मरीजों की जांच कर रही है। चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को फायर सेफ्टी की एनओसी मिल चुकी है, जबकि शेष केंद्रों की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस पर जिलाधिकारी ने सभी लंबित कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार, मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. हरिओम सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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पिछले छह वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय रोहित तिवारी कौशांबी में आधारित हैं और क्षेत्रीय मुद्दों की कवरेज में लगातार कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं।
